*30 दिन–30 कार्यशाला अभियान की 30वीं कार्यशाला आईटीआई शिवपुरी में सम्पन्न*
शिवपुरी। आनंद विभाग, जिला शिवपुरी द्वारा सितंबर माह में चलाए जा रहे ‘30 दिन–30 कार्यशाला’ अभियान के अंतर्गत 30वीं एवं अंतिम एक दिवसीय अल्पविराम परिचय कार्यशाला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), शिवपुरी में सम्पन्न हुई।
कार्यशाला का शुभारंभ जिला संपर्क व्यक्ति अभय कुमार जैन ने ‘हमको मन की शक्ति देना’ प्रार्थना के साथ किया।
कार्यशाला में आनंदम सहयोगी ब्रजेश सिंह तोमर ने प्रतिभागियों से रिश्तों पर संवाद करते हुए बताया कि हमारे व्यवहार, अपेक्षाएं और भावनाएं किस प्रकार रिश्तों को प्रभावित करती हैं। उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि अल्पविराम रिश्तों में ठहरकर स्वयं को देखने और संबंधों को बेहतर बनाने की संजीवनी की तरह कार्य कर रहा है।
मास्टर ट्रेनर साकेत पुरोहित ने प्रतिभागियों को अपने जीवन में आनंद के स्रोतों को पहचानने और आनंद बढ़ने एवं घटने के कारणों पर अल्पविराम देकर आत्मचिंतन कराया। उन्होंने अभ्यास के माध्यम से समझाया कि जीवन में आनंद की चाबी परिस्थितियों या दूसरों के व्यवहार में नहीं, बल्कि स्वयं के हाथ में कैसे रखी जा सकती है।
आनंदम सहयोगी सुषमा कन्नौजिया ने जीवन को एक कंपनी के रूपक के माध्यम से समझाते हुए कहा कि जिस प्रकार कंपनी का सीईओ लाभ-हानि का लेखा-जोखा रखता है, उसी प्रकार प्रत्येक व्यक्ति को भी अपनी ‘जीवन रूपी कंपनी’ का लेखा-जोखा करते रहना चाहिए। उन्होंने चार आत्मचिंतनात्मक प्रश्नों के माध्यम से प्रतिभागियों को निःस्वार्थता, मदद, दुःख और क्षमा जैसे भावों पर अल्पविराम देकर स्वयं को देखने तथा जीवन को लाभ में ले जाने के सूत्र दिए।
कार्यशाला के समापन पर प्रतिभागियों ने अल्पविराम के माध्यम से स्वयं को देखने, रिश्तों को समझने और जीवन में आनंद के स्रोतों को पहचानने के अनुभव साझा किए।



