*आनंद विभाग शिवपुरी द्वारा 30 दिन–30 कार्यशाला अभियान की 21वीं कार्यशाला शा छत्रसाल महाविद्यालय पिछोर में सम्पन्न*
पिछोर। आनंद विभाग जिला शिवपुरी द्वारा सितंबर माह में चलाए जा रहे 30 दिन–30 कार्यशाला अभियान के तहत सोमवार को शासकीय छत्रसाल महाविद्यालय पिछोर में 21वीं कार्यशाला आयोजित हुई। कार्यशाला में प्रतिभागियों ने अल्पविराम के माध्यम से कुछ पल ठहरकर स्वयं को समझने और जीवन में आनंद के स्रोतों को पहचानने का अभ्यास किया।
कार्यशाला का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. केशव सिंह जाटव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। आनंद संस्थान का परिचय ईएनबी से प्रमोद रावत ने देते हुए संस्थान की अवधारणा एवं विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी प्रतिभागियों को दी।
पहले सत्र में राजेश पटेल ने ‘मेरे जीवन में आनंद क्या है और आनंद कब बढ़ता तथा घटता है’ जैसे सवालों के माध्यम से प्रतिभागियों को स्वयं के भीतर झांकने का अवसर दिया। अल्पविराम के अभ्यास के जरिए उन्होंने जीवन में आनंद को समझने और उसे निरंतर बनाए रखने की प्रक्रिया पर संवाद किया।
दूसरे सत्र में आनंदम सहयोगी अवध प्रताप सिंह ने प्रतिभागियों से लाइफ बैलेंस शीट तैयार कराई। इसमें जीवन के लाभ-हानि का आत्ममंथन करने के साथ मदद, कृतज्ञता, क्षमा मांगना और क्षमा करना जैसे भावों पर चिंतन कराया गया। वहीं आनंदम सहयोगी महिपाल सिंह चौहान व पुष्पेन्द्र लोधी ने तीन दिवसीय अल्पविराम कार्यशाला के अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इसके अभ्यासों से उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आए।
समापन सत्र में ईएनबी से प्रीति तिवारी ने प्रतिभागियों से कार्यशाला का फीडबैक लिया। एम. टोंगपांग ने आइस ब्रेकर गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को विभिन्न रोचक गतिविधियों में शामिल किया।
कार्यशाला में डॉ. बबीता बाथम, प्रो. अक्षय जैन, प्रो. नरसिंह भिड़े, डॉ. दर्शना राठौर, डॉ. गिरीश नीखरा, डॉ. सोमेश चतुर्वेदी, डॉ. धर्मेंद्र जाटव, डॉ. जय भीम बौद्ध एवं प्रो. बाबूलाल कुम्हारे सहित महाविद्यालय के शिक्षक एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।



