*30 दिन–30 कार्यशाला अभियान की 20वीं कार्यशाला उत्कृष्ट विद्यालय करैरा में सम्पन्न*
करैरा। आनंद विभाग जिला शिवपुरी द्वारा सितंबर माह में आयोजित ‘30 दिन–30 कार्यशाला अभियान’ के अंतर्गत 20वीं कार्यशाला शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय करैरा में शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए आयोजित की गई। कार्यशाला में 40 प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
कार्यशाला का शुभारंभ विकासखंड शिक्षा अधिकारी मुकेश शर्मा एवं विद्यालय के प्राचार्य अरविंद यादव ने किया। प्रारंभिक सत्र में आनंदम सहयोगी प्रियांशु भार्गव ने राज्य आनंद संस्थान का परिचय देते हुए बताया कि नागरिकों की खुशहाली के लिए कार्य करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। उन्होंने संस्थान के विभिन्न कार्यक्रमों एवं उद्देश्यों की जानकारी दी।
मास्टर ट्रेनर साकेत पुरोहित ने ‘अल्पविराम’ का परिचय देते हुए प्रतिभागियों को अपने जीवन में आनंद को पहचानने तथा उसके बढ़ने और घटने के कारणों को समझने का अभ्यास कराया। उन्होंने बताया कि जीवन की किसी भी परिस्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया देने के बजाय कुछ क्षण ठहरकर विचार करना सकारात्मक दिशा चुनने में सहायक होता है।
ब्रजेश सिंह तोमर ने रिश्तों में घटित होने वाली घटनाओं पर हमारी सकारात्मक एवं नकारात्मक प्रतिक्रियाओं और उनके परिणामों को उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि प्रतिक्रिया देने से पहले लिया गया ‘अल्पविराम’ परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझने और सकारात्मक परिणाम की ओर बढ़ने का अवसर देता है।
सीसीडी सत्र में ईएनबी से प्रीति तिवारी ने ‘अल्पविराम’ के माध्यम से प्रतिभागियों को अपने जीवन में हुए कनेक्शन, करेक्शन और डायरेक्शन के अनुभवों को पहचानने एवं साझा करने का अभ्यास कराया।
समापन सत्र में एम. टोंगपांग ने प्रतिभागियों से कार्यशाला का फीडबैक प्राप्त किया। इस दौरान मनोज खत्री ने तीन दिवसीय अल्पविराम कार्यशाला से मिले अपने सकारात्मक अनुभव साझा किए और बताया कि इस अभ्यास से उन्हें स्वयं को समझने तथा जीवन की परिस्थितियों को नए दृष्टिकोण से देखने में सहायता मिली।


