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| दस्तक अभियान |
शिवपुरी (पोहरी/बैराड़): जिले में जल जनित बीमारियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा के निर्देश तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री शुभम अग्रवाल के मार्गदर्शन में संचालित 'दस्तक अभियान' के तहत शनिवार को पोहरी विकासखंड के बैराड़ क्षेत्र में डायरिया रोको अभियान का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम के दौरान बैराड़ सेक्टर-1 के 20 गांवों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पेयजल स्रोतों की जांच के लिए एफटीके (Field Testing Kit) किट वितरित की गई।
10 पैरामीटर्स पर होगी पेयजल की जांच
PHE विभाग की विकासखंड समन्वयक सुश्री वंदना गौर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को एफटीके किट का उपयोग करने और इसके 10 मुख्य पैरामीटर्स पर पानी की शुद्धता जांचने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इसके साथ ही, सभी कार्यकर्ताओं को WQMIS पोर्टल पर रजिस्टर कराया गया ताकि जांच रिपोर्ट की डिजिटल प्रविष्टि की जा सके।
अब ग्रामीण स्तर पर ही पेयजल स्रोतों का नियमित परीक्षण हो सकेगा, जिससे दूषित पानी से होने वाली बीमारियों को समय रहते रोका जा सकेगा।
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| दस्तक अभियान |
डायरिया और हैजा से बचाव के बताए उपाय
कार्यक्रम में जन-जागरूकता फैलाते हुए कार्यकर्ताओं को डायरिया, हैजा, टाइफाइड जैसी गंभीर जल जनित बीमारियों से बचाव के तरीके बताए गए। उपस्थित अमले से अपील की गई कि:
- पेयजल स्रोतों के आसपास अनिवार्य रूप से साफ-सफाई रखें।
- ग्रामीणों को केवल सुरक्षित एवं उबले/फ़िल्टर किए पानी के उपयोग के लिए प्रेरित करें।
- समय-समय पर एफटीके किट से जल स्रोतों की गुणवत्ता जांचते रहें।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग (बैराड़ सेक्टर 1 व 2) की सुपरवाइजर सुश्री भावना शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

