खसरा आउटब्रेक नियंत्रण: भोपाल से शिवपुरी पहुंची डॉक्टरों की टीम, आदिवासी बस्ती में बच्चों का जाना हाल


शिवपुरी (मध्य प्रदेश)। जिले में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की स्थिति सुधारने और मीजल्स (खसरा) आउटब्रेक नियंत्रण की समीक्षा हेतु राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) मध्यप्रदेश का उच्चस्तरीय दल शिवपुरी पहुँचा। वरिष्ठ संयुक्त संचालक (टीकाकरण) के नेतृत्व में आए इस दल ने स्वास्थ्य केंद्रों के निरीक्षण से लेकर ग्रामीण व आदिवासी बस्तियों में घर-घर जाकर हितग्राहियों से सीधा संवाद किया।

राज्य स्तरीय दल का पोहरी और सतनवाड़ा में व्यापक निरीक्षण

वरिष्ठ संयुक्त संचालक डॉ. एल.पी. भाकोरिया के नेतृत्व में गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल के डॉ. देवेंद्र गौर एवं यूएनएफपीए (UNFPA) भोपाल के अतुल पाठक के दल ने फील्ड विजिट की:
  • ​ग्राम बछौरा (पोहरी): विशेष टीकाकरण सत्र का निरीक्षण कर ग्रामीणों से खसरा-रूबेला (MR) के टीकों के प्रति भ्रांतियों, जागरूकता और अनुभवों पर चर्चा की।
  • ​ग्राम बड़ागांव (सतनवाड़ा): आदिवासी बस्ती में गृह भेंट कर बच्चों के स्वास्थ्य का जायजा लिया। कुपोषित बच्चे की पहचान होने पर आशा व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को तत्काल इलाज और नियमित फॉलोअप के निर्देश दिए।
  • ​स्कूल व उप स्वास्थ्य केंद्र: शासकीय प्राथमिक विद्यालय बड़ागांव में छात्रों से आयरन-फोलिक एसिड (IFA) गोलियों के वितरण की स्थिति जानी। इसके बाद उप स्वास्थ्य केंद्र में कोल्ड चेन प्रबंधन, ओपीडी रजिस्टर, आशा डायरी और यू-विन (U-WIN) पोर्टल की प्रगति का अवलोकन किया।

जिला वैक्सीन स्टोर का लिया जायजा

राज्य स्तरीय दल ने जिला वैक्सीन स्टोर का गहन निरीक्षण कर वैक्सीन प्रबंधन, तापमान नियंत्रण, स्टॉक रजिस्टर और भंडारण की गुणवत्ता की बारीकी से जांच की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

​इसके पश्चात आयोजित समीक्षा बैठक में बीएमओ (BMO), एएनएम (ANM) और आशा कार्यकर्ताओं को नियमित टीकाकरण के शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए गए।

​डॉ. रोहित भदकारिया (जिला टीकाकरण अधिकारी): "इस प्रकार के राज्य स्तरीय निरीक्षणों से आउटब्रेक के मूल कारणों को समझने, नियमित टीकाकरण की गुणवत्ता में सुधार लाने और दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी पहुँच सुनिश्चित करने में बड़ी मदद मिलती है।"

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