शिवपुरी । बेटियों के अधिकारों की रक्षा और कन्या भ्रूण हत्या जैसी गंभीर सामाजिक बुराई पर अंकुश लगाने के लिए शासन ने सख्त कदम उठाए हैं। पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत अवैध भ्रूण लिंग जांच और लिंग चयन की सूचना देने वाले मुखबिरों को अब 2 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार "पुनरीक्षित मुखबिर पुरस्कार योजना-2021" के तहत अवैध लिंग जांच, भ्रूण लिंग चयन या इससे जुड़ी गैरकानूनी गतिविधियों की जानकारी देने वाले व्यक्तियों को कार्रवाई और न्यायालय में अपराध सिद्ध होने पर चरणबद्ध तरीके से पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।
कैसे मिलेगा पुरस्कार
कोर्ट में चालान पेश होने पर पहली किश्त के रूप में 1.25 लाख रुपये।
न्यायालय में अपराध सिद्ध होने पर दूसरी किश्त के रूप में 75 हजार रुपये।
कुल मिलाकर 2 लाख रुपये तक का पुरस्कार।
स्टिंग ऑपरेशन बनेगा हथियार
शासन द्वारा अवैध लिंग जांच करने वाले अस्पतालों, क्लीनिकों और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए गोपनीय स्टिंग ऑपरेशन भी कराए जा रहे हैं। इसमें मुखबिर, डिकॉय महिला और सहयोगियों की मदद से सबूत जुटाकर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
बेटियों की सुरक्षा में निभाएं भूमिका
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी भ्रूण लिंग जांच या लिंग चयन जैसी गैरकानूनी गतिविधि की जानकारी मिले तो तत्काल सूचना दें। आपकी एक सूचना न केवल कानून का उल्लंघन रोक सकती है, बल्कि बेटियों के सुरक्षित भविष्य और लैंगिक समानता की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान भी साबित हो सकती है।
