आंगनवाड़ी भर्ती में फर्जीवाड़ा! स्कूल संचालक ने पत्नी की जाली मार्कशीट लगाई, थाने में शिकायत

 


स्कूल संचालक ने बनवाई पत्नी की जाली अंकसूची आंगनवाड़ी भर्ती में लगाई बैराड़ थाने में शिकायत दर्ज एफआईआर की मांग। 


बैराड़।तहसील बैराड़ के ग्राम नदौरा से जुड़े एक मामले में कथित फर्जी अंकसूची  के आधार पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पद प्राप्त करने के प्रयास को लेकर पुलिस अधीक्षक शिवपुरी एवं थाना प्रभारी बैराड़ को एक लिखित शिकायत सौंपे जाने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता अशासकीय स्कूल संचालक और महिला के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज करने की मांग की है।

शिकायतकर्ता माखन सिंह धाकड़ सामाजिक कार्यकर्ता एवं राष्ट्रीय भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति के जिला अध्यक्ष हैं, ने आरोप लगाया है कि ग्राम नदौरा निवासी श्रीमती प्रीति शर्मा पत्नी  अवधेश पाठक अशासकीय स्कूल संचालक ने वर्ष 2013 में मध्यप्रदेश बोर्ड से 12वीं परीक्षा उत्तीर्ण की थी। शिकायत के अनुसार, उनका रोल नंबर 231619103 था तथा उन्होंने 500 में से 350 अंक प्राप्त किए थे।

शिकायत में आगे आरोप लगाया गया है कि उक्त अंकों से असंतुष्ट होकर उन्होंने उसी वर्ष राजस्थान स्थित काउंसिल ऑफ ओपन स्कूल एजुकेशन से पुनः 12वीं की परीक्षा दी, जिसमें कथित रूप से रोल नंबर 10183385 पर 500 में से 480 अंक प्राप्त किए गए। शिकायतकर्ता का कहना है कि एक ही वर्ष में दो अलग-अलग बोर्डों से प्राप्त की गई अंकसूचियां संदेहास्पद हैं तथा यह दस्तावेजों में हेरफेर और धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है।

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2025 में आंगनवाड़ी केंद्र नदौरा-02 में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पद हेतु आवेदन क्रमांक 250711160 के साथ राजस्थान बोर्ड की उक्त अंकसूची संलग्न कर नौकरी प्राप्त करने का प्रयास किया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि यह दस्तावेज फर्जी है और इसका उपयोग सरकारी भर्ती प्रक्रिया में अनुचित लाभ लेने के उद्देश्य से किया गया।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि श्रीमती प्रीति शर्मा के पति श्र अवधेश पाठक बैराड़ नगर में डी.पी.एस. हायर सेकेंडरी स्कूल का संचालन करते हैं और प्रधानाचार्य/निदेशक पद पर कार्यरत हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि शिक्षा क्षेत्र से जुड़े होने के कारण दस्तावेज तैयार करने और उनका उपयोग करने में प्रभाव का इस्तेमाल किया गया है।


कानूनी कार्रवाई की तैयारी 


शिकायत में पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी महिला पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467 एवं 468 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। आवेदन के साथ मध्यप्रदेश बोर्ड की मार्कशीट,राजस्थान बोर्ड की मार्कशीट तथा आंगनवाड़ी भर्ती आवेदन पत्र की प्रतियां भी संलग्न की गई हैं।


इनका कहना है 

कोई भी व्यक्ति एक ही साल में दो अलग-अलग राज्यों के बोर्ड से दो अंकसूची प्राप्त नहीं कर सकता। यह रिकॉर्ड में हेर-फेर और जालसाजी का स्पष्ट मामला है। 

माखन सिंह धाकड़ जिला अध्यक्ष राष्ट्रीय भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति। 

इसी तरह पूर्व में एक और मामले में एसटीएफ की जांच में फर्जी साबित हुई 12 वीं  की मार्कशीट,जाली अंकसूची पर मिली आंगनबाड़ी की नौकरी जहां से रिपोर्ट के बाद एसटीएफ द्वारा एफआईआर दर्ज करने का दिया था आदेश, नहीं हुई एफआईआर,कलेक्टर और एसपी से कार्रवाई की मांग सरकारी नौकरी का घोटाला बैराड़ पुलिस ने दबाया।

Post a Comment

Previous Post Next Post