- मंगलम में सात दिवसीय कृत्रिम अंग शिविर संपन्न
- दिव्यांगों को बड़ी राहत, कोलकाता की टीम ने शिविर में बनाए कृत्रिम अंग, मंच पर सम्मान
शिवपुरी।
दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन की ओर ले जाने के संकल्प के साथ मंगलम परिसर में चल रहा सात दिवसीय कृत्रिम अंग निर्माण एवं वितरण शिविर रविवार को संपन्न हो गया। 25 मई से 31 मई तक चले इस विशेष शिविर में कुल 215 दिव्यांगजनों को मौके पर ही जांच के बाद कृत्रिम हाथ, पैर और अन्य सहायक उपकरण तैयार कर वितरित किए गए। हितग्राहियों के चेहरों पर लौटी मुस्कान ने शिविर की सफलता को बयां किया।
शिविर का आयोजन मंगलम समाजसेवी संस्था और महावीर सेवा सदन, कोलकाता के संयुक्त तत्वावधान में 'दिव्यांगता मुक्त भारतÓ अभियान के तहत किया गया था। समापन समारोह में कोलकाता से आई तकनीकी टीम के सदस्यों को मंच पर ससम्मान बिठाकर शॉल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। मंगलम के अध्यक्ष डॉ. गोविंद सिंह, सचिव राजेंद्र मजेजी सहित संस्था के सभी संचालकों ने टीम की निस्वार्थ सेवा की मुक्तकंठ से सराहना की।
इस शिविर की सबसे प्रेरक बात यह रही कि कृत्रिम अंग बनाने वाली टीम के कई सदस्य स्वयं दिव्यांग थे। अपनी दिव्यांगता को पीछे छोड़कर इन सदस्यों ने पूरे सेवाभाव से लगातार सात दिन तक शिविर में काम किया। सुबह से देर शाम तक हितग्राहियों की नाप लेकर, जांच कर और उनकी जरूरत के अनुसार उपकरण तैयार कर फिटिंग की।
मंगलम के सचिव राजेंद्र मजेजी ने बताया कि महावीर सेवा सदन की चलित वर्कशॉप और विशेषज्ञ तकनीकी टीम ने मंगलम परिसर में ही पूरा सेटअप लगाया। पंजीयन के साथ ही हितग्राही का परीक्षण, माप, निर्माण और फिटिंग की व्यवस्था मौके पर ही की गई। इससे दूर-दराज से आए दिव्यांगजनों को बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़े और तत्काल लाभ मिला। शिविर में कृत्रिम हाथ, कृत्रिम पैर, कैलिपर, बैसाखी और अन्य सहायक उपकरण वितरित किए गए।
शिविर का शुभारंभ 25 मई को मप्र दिव्यांगजन आयुक्त डॉ. अजय खेमरिया तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजय राज की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया था। मंगलम संचालकों ने बताया कि शिवपुरी में यह शिविर लगवाने में आयुक्त डॉ. खेमरिया की विशेष भूमिका रही। उनके प्रयासों से महावीर सेवा सदन की टीम शिवपुरी पहुंची। संस्था ने इसके लिए आयुक्त का आभार जताया। समापन कार्यक्रम में मंगलम के संचालक कोषाध्यक्ष दीपक गोयल, राकेश गुप्ता, डॉ शैलेंद्र गुप्ता, हरिओम अग्रवाल, राजीव श्रीवास्तव, एसकेएस चौहान, प्रमोद भार्गव, अशोक कोचेटा, बासित अली, अरविंद जैन, रंजीत गुप्ता, राजेश बिहारी पाठक, राजेश सिंघल, विष्णु सोनी, सुरेशचंद्र गुप्ता, समाजसेवी रामकुमार यादव, मनीषा जैन, भरत अग्रवाल, केशव सिंह तोमर सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
सात दिनों तक चले इस शिविर में मंगलम संस्था के सभी सदस्य, जिला प्रशासन व डीडीआरसी सहित वॉलंटियर्स और शहर के कई समाजसेवी लगातार सेवा भाव से जुटे रहे। आयोजकों का मानना है कि यह पहल दिव्यांगजनों के जीवन में नया आत्मविश्वास और स्वावलंबन लेकर आएगी। कृत्रिम अंग मिलने के बाद कई हितग्राही पहली बार बिना सहारे चल पाए।


