जल संकट से निपटने प्रशासन और जनप्रतिनिधि दोनों मैदान में, 39 वार्डों की निगरानी के लिए अधिकारी तैनात, टैंकरों से पहुंच रहा पानी


शिवपुरी। भीषण गर्मी के बीच मड़ीखेड़ा परियोजना की जलापूर्ति प्रभावित होने से शहर में पेयजल संकट गहरा गया है। हालात को देखते हुए प्रशासन और जनप्रतिनिधि दोनों स्तरों पर राहत प्रयास तेज कर दिए गए हैं, ताकि किसी भी वार्ड में पेयजल की समस्या गंभीर रूप न ले सके।

कलेक्टर अर्पित वर्मा ने शहर के सभी 39 वार्डों में पेयजल व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की वार्डवार जिम्मेदारी तय कर दी है। अपर कलेक्टर दिनेश चन्द्र शुक्ला को इस पूरी व्यवस्था का नोडल अधिकारी बनाया गया है। अब प्रत्येक अधिकारी अपने आवंटित वार्डों में पेयजल आपूर्ति, वितरण व्यवस्था और नागरिकों की शिकायतों पर सीधे नजर रखेंगे तथा नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी नागरिक को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े और शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

वहीं दूसरी ओर जल संकट के बीच सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर भी राहत प्रयास जारी हैं। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के जनसंपर्क कार्यालय द्वारा छह निःशुल्क जल टैंकर नगरपालिका को उपलब्ध कराए गए हैं। इस अभियान में लवलेश जैन ‘चीनू’ और योगेंद्र यादव सक्रिय भूमिका निभाते हुए प्रभावित क्षेत्रों तक पानी पहुंचाने में जुटे हैं।

इसके अलावा विभा रघुवंशी द्वारा संचालित टैंकर भी पिछले एक माह से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जल सेवा प्रदान कर रहे हैं। कई मोहल्लों में इन टैंकरों के माध्यम से नागरिकों को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।

शहरवासियों का मानना है कि एक ओर प्रशासनिक स्तर पर निगरानी और जवाबदेही बढ़ाई गई है, वहीं दूसरी ओर जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रियता भी लोगों को राहत पहुंचा रही है। जल संकट की इस चुनौतीपूर्ण घड़ी में प्रशासनिक व्यवस्था और जनसेवा के संयुक्त प्रयास नागरिकों के लिए उम्मीद की किरण बने हुए हैं।

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