शिवपुरी शहर में विकास कार्यों की धीमी गति और नगर पालिका की कार्यप्रणाली को लेकर विधायक देवेंद्र जैन ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब जनता से जुड़े मुद्दों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विधायक ने चेतावनी दी है कि यदि विकास कार्य समय पर पूरे नहीं हुए, तो इस पूरे मामले को विधानसभा में उठाकर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। उनका कहना है कि हर वार्ड में विकास सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है।
अधूरे काम और जिम्मेदार कौन?
शहर में कई सड़क निर्माण कार्य अब तक अधूरे पड़े हैं। जानकारी के अनुसार, 23 सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन 16 सड़कें अभी भी अधूरी हैं। इन देरी के पीछे ठेकेदारों की लापरवाही, भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और नगर पालिका के अंदरूनी विवाद प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
विकास की रफ्तार पर राजनीति भारी
विकास कार्यों की धीमी गति से आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में अधूरी सड़कों और खराब व्यवस्थाओं के कारण लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
अपनी ही व्यवस्था के खिलाफ उठाई आवाज
जनहित को सर्वोपरि रखते हुए विधायक देवेंद्र जैन ने अपनी ही सरकार के स्थानीय तंत्र पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने वार्ड 8 (महल कॉलोनी) सहित अन्य क्षेत्रों में रुके हुए कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
🔄 फिर शुरू हुई प्रक्रिया, जगी उम्मीद
विधायक के दबाव के बाद नगर पालिका ने लापरवाह ठेकेदारों के टेंडर निरस्त कर दिए हैं और नए सिरे से टेंडर जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि मानसून से पहले या उसके तुरंत बाद निर्माण कार्य तेजी से पूरे किए जाएंगे।
विधायक का कहना है कि उन्होंने पहले ही विकास कार्यों के लिए बजट स्वीकृत करवा दिया था, अब जिम्मेदारी नगर पालिका की है कि वह समय पर काम पूरा करे।
शिवपुरी में विकास कार्यों को लेकर अब सख्ती का दौर शुरू हो चुका है। यदि प्रशासन सक्रियता दिखाता है, तो शहर की तस्वीर जल्द बदल सकती है।