नेपाल के फैसले से प्रेरणा: मध्यप्रदेश में भी सरकारी स्कूल अनिवार्य करने की उठी मांग
पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह ने विधानसभा में बड़ा मुद्दा उठाया
भोपाल / शिवपुरी
नेपाल में शिक्षा व्यवस्था सुधार को लेकर लिए गए साहसिक निर्णय ने अब मध्यप्रदेश की राजनीति में भी नई बहस छेड़ दी है। इसी क्रम में पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह ने विधानसभा में बड़ा मुद्दा उठाते हुए मांग की है कि सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के बच्चों की पढ़ाई शासकीय विद्यालयों में अनिवार्य की जाए।
विधायक ने कहा कि जब तक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और ठेकेदार अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में नहीं पढ़ाएंगे, तब तक शिक्षा व्यवस्था में वास्तविक सुधार संभव नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि वे करीब दो वर्ष पहले भी इस मुद्दे को सदन में उठा चुके हैं।
उनका स्पष्ट मत है कि यदि सभी जिम्मेदार वर्ग अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेजेंगे, तो
व्यवस्थाओं में स्वतः सुधार होगा
जवाबदेही बढ़ेगी।
शिक्षा की गुणवत्ता मजबूत होगी
नेपाल के हालिया फैसले का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यह कदम साबित करता है कि सही दिशा में लिया गया निर्णय व्यवस्था को बदल सकता है।
⚖️ विधायक ने प्रदेश सरकार से इस दिशा में ठोस नीति बनाने की मांग करते हुए कहा कि इससे सरकारी स्कूलों की वर्तमान दुर्दशा में सुधार आएगा और शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।
यह मुद्दा अब प्रदेश में शिक्षा सुधार की बहस को नई दिशा दे सकता है।