शिवपुरी – भ्रष्टाचार की चोट जब खुद पर पड़ती है, तब उसकी असली पीड़ा समझ आती है, लेकिन यदि समाज दूसरों के दर्द को समय रहते समझकर आवाज उठाए, तो बदलाव की राह आसान हो सकती है।
जिले में इन दिनों सुविधा शुल्क के नाम पर बढ़ती रिश्वतखोरी और कमीशनखोरी से आमजन में भारी आक्रोश है। तहसील, रजिस्ट्रार कार्यालय, नगर पालिका, जनपद, विद्युत और खनिज विभाग सहित कई दफ्तरों में बिना रिश्वत के काम कराना लोगों के लिए टेढ़ी खीर बन गया है।
नागरिकों का कहना है कि उन्हें एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय तक भटकाया जाता है, जिससे समय और पैसे दोनों की हानि होती है। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या जनप्रतिनिधियों को इस स्थिति की जानकारी नहीं है, और यदि है तो फिर आवाज क्यों नहीं उठ रही।
भ्रष्टाचार को लोग दीमक की तरह मानते हैं, जो धीरे-धीरे पूरी व्यवस्था को खोखला कर रहा है। अब जरूरत है कि हर व्यक्ति जागरूक बने, सच के साथ खड़ा हो और इस व्यवस्था के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करे, ताकि आमजन को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के पारदर्शी और सरल सेवाएं मिल सकें।
दुर्गेश गुप्ता
समय खबर
शिवपुरी