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VIDEO: कहां गए? सो गए तथाकथित धर्म के रक्षक संगठन, शिवपुरी जिले की पोहरी तहसील में मंदिर के पुजारियों पर हुए प्रशासन के हमले का मामला

Wednesday, 1 April 2020

/ by Durgesh Gupta




मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आ गई है जब तक नहीं थी तब तक मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर यह आरोप लगते थे की अराजकता एवं हिंदू धर्म के विरुद्ध धर्म रक्षा एवं गौ रक्षा के विषय में सरकार निकम्मी है परंतु माननीय मुख्यमंत्री जी अब तो आपकी सरकार आ गई है और इस सरकार में विगत 25 मार्च से लेकर 28 मार्च तक अर्थात 3 दिनों तक शिवपुरी जिले की पोहरी तहसील में जिस तरह मंदिरों पर आपकी ही एक प्रशासनिक अधिकारी ने हमला करते हुए वहां मौजूद पुजारियों पर कायराना तरीके से लाठियां बरसाई उनकी तस्वीर देखकर माननीय मुख्यमंत्री जी आपको पीड़ा नहीं हुई क्या?

भारतीय जनता पार्टी की सरकारों में अथवा जहां सरकार नहीं भी हो कहां तक धर्म के तथाकथित ठेकेदार कहीं जाने वाले भारतीय जनता पार्टी के अनुषांगिक संगठन एवं अन्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुषांगिक संगठन में विश्व हिंदू परिषद एवं स्वयं आरएसएस मिल रही हो हमेशा से धर्म रक्षार्थ कार्यों में बढ़-चढ़कर भूमिका निभाने का इतिहास रहा है, परंतु पुजारियों पर हुए इस भयावह कृत्य में शिवपुरी जिला ही नहीं मध्य प्रदेश के प्रांतीय स्तर के संगठनों के पदाधिकारियों द्वारा अथवा कार्यकर्ताओं द्वारा किसी भी तरह का बयान आज दिनांक तक सामने नहीं आ सका. विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल हो अथवा कोई अन्य संगठन जो हिंदू धर्म रक्षार्थ की पाखंड पूर्ण चर्चा करता हो वह सभी इस मामले में पिछले 5 दिनों से खामोश है,

और जो कार्य उनका था वह कार्य प्रदेश एवं जिला स्तर के मीडिया संस्थान अथवा मीडिया कर्मी कर रहे हैं, इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा?

मुख्यमंत्री की जानकारी में आया मामला


शिवपुरी जिले की पोहरी तहसील अंतर्गत 25 से 28 मार्च अर्थात लोक डाउन के बीच हिंदू धर्म से जुड़े हुए मंदिरों पर जिस तरह मुगलिया अंदाज में पुजारियों के साथ मारपीट की गई इस मामले को बल्लभ भवन समाचार पत्र सहित स्थानीय मीडिया एवं सोशल मीडिया ने उजागर ही नहीं किया बरन मुख्यमंत्री जी की फेसबुक लाइव कार्यक्रम में कमेंट भी की है, 29 मार्च को इस मामले की जानकारी वल्लभ भवन समाचार पत्र ने संभाग आयुक्त सहित मुख्यमंत्री तक दे दी थी, उसके बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले पर वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए, वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम 31 मार्च को पोहरी तहसील कलेक्टर शिवपुरी एवं पुलिस अधीक्षक शिवपुरी के साथ जांच करने पहुंची, जांच स्थल पर संबंधित प्रताडि़त पुजारियों को घटना के विषय में बयान देने हेतु बुलाया गया,

हालांकि इस बात में भी सच्चाई सामने आई है एवं सूत्र बताते हैं कि पिछले 3 दिनों के अंतराल में स्थानीय पोहरी प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा मामले की लीपापोती करने हेतु पुजारियों को लगातार प्रताडि़त किया गया धमकी दी गई एवं समझौते के लिए तैयार  करने हेतु प्रयास जारी रहे।

कलेक्टर एसपी के सामने रो पड़े साधु 

31 मार्च को जब पोहरी तहसील में मामले की जांच पुलिस अधीक्षक एवं कलेक्टर शिवपुरी के समक्ष की जा रही थी तब वहां उपस्थित साधु सन्यासी जिनको बेदर्दी के साथ मारा-पीटा गया था बाय चर्चा करते एवं बयान देते समय ही फूट फूट कर रो पड़े,

उन्होंने कहा कि इससे बड़ा अपमान कुछ नहीं हो सकता हमें ना केवल शारीरिक रूप से प्रताडि़त किया गया बरन हमारा सार्वजनिक रूप से भी अपमान किया गया,  हिंदू धर्म के वास्तविक रक्षा करने वाले इन पुजारियों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया उसी तरह का व्यवहार स्थानीय शासन द्वारा जांच के दौरान भी की सामने आया, शिवपुरी कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के समक्ष एसडीएम के विरुद्ध जमकर बयान प्रताडि़त लोगों ने दिए और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने पुजारियों को आश्वासन दिया कि दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी?
पुजारी फूट-फूट कर रोए और प्रशासन दांत फाड़ रहा था

पोहरी SDM का कहर: सुनिये पीड़ित पुजारियों की जुवानी






इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या हुआ की सर्वप्रथम तो इस जांच को प्रभावित करने के लिए लगातार प्रयास होते रहे, वहीं दूसरी ओर प्रताडि़त पुजारियों को 31 मार्च को जांच के नाम पर 4 घंटे से अधिक थाना क्षेत्र एवं जांच केंद्र के बीच इस तरह विठाला गया जैसे प्रताडि़त ही अपराधी हूं, स्थानीय प्रशासन के अफसर जांच के दौरान सबसे अधिक कोरोनावायरस पर भाषण देते रहे जो कि विषय से हटकर मामला था वहीं दूसरी और 4 से 5 घंटे प्रताडि़त लोगों को इंतजार ही नहीं करना पड़ा बरन उन पर लगातार इस दौरान दबाव भी जारी रहा,

स्थानीय प्रशासन पोहरी के अफ़सर जांच के दौरान हंसते मुस्कुराते रहे और पुजारियों से यह कहते सुने गए कि एसडीएम की नई नई नौकरी है उसे माफ कर दो, इस संबंध में फिलहाल भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता धैर्य वर्धन शर्मा सहित वरिष्ठ भाजपा नेता सुरेंद्र शर्मा एवं कोलारस क्षेत्र के विधायक सहित सांसद ग्वालियर सक्रिय बने हुए हैं और उनकी मांग है कि दोषी अफसर के विरुद्ध कार्रवाई होते हुए तुरंत प्रभाव से यहां से हटाया जाए, अब देखना यह है कि पुजारियों की बेदर्दी से पिटाई करने वाली इस राक्षसी प्रवृत्ति की महिला को कब तक पोहरी में पदस्थ रखा जाता है।

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