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पति को कंधा नशीब हो सके ,पत्नी ने गुजारे 6 दिन ,आखिर पत्नी ने ही किया पति का अंतिम संस्कार

Friday, 3 November 2017

/ by Durgesh Gupta

मार्मिक घटना – नही आये मददगार ..,4 कंधो के इंतजार में पति की लाश के साथ गुजारे छह दिन…! 25 साल पहले प्रेम विवाह के कारण गाँव से कर दिया था बहिष्कृत…


छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में हृदय विदारक घटना सामने आई है. पति को अपनों का कंधा नसीब हो सके, इसलिए पत्नी ने उसके शव के साथ छह दिन गुजार दिए. इसके बाद भी न तो परिवार वालों ने पूछा न ही गांव के लोगों ने मदद की. शव से दुर्गंध आने के बाद जब बर्दाश्त नहीं हुआ तो महिला ने पुलिस को सूचना दी. इसके बाद खुद ही पति का अंतिम संस्कार किया, वो भी घर के पीछे खेत में. यह सब इसलिए हुआ क्योंकि कथित तौर पर महिला व उसके पति का परिवार व गांव वालों ने बहिष्कार कर दिया है.

कोरिया ​के मनेन्द्रगढ़ थाना क्षेत्र में घटी यह घटना जितनी शर्मनाक है उतनी ही सोचनीय भी.

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक 26 अक्टूबर 2017 की रात करीब आठ बजे को परसगढ़ी के सिट्टा गांव में 53 वर्षीय शिवनाथ साय की मौत हो गई. इसके बाद शिवनाथ की पत्नी मानमती ने ससुराल पक्ष को इसकी सूचना दी और उनका इंतजार करने लगी.

छह दिन गुजर जाने के बाद भी परिवार की ओर से कोई नहीं आया. इस दौरान मानमती पति के शव के पास रहती. मानमती का खाना व सोना भी पति के शव के पास ही होता रहा. परिवार की ओर से किसी के नहीं आने पर मानमती ने 31 अक्टूबर को मनेन्द्रगढ़ थाने में पति की मौत की सूचना दी. इसके बाद एक नवंबर को शि​वनाथ का अंतिम संस्कार उसके घर के पीछे ही खेत में किया गया.

मनेन्द्रगढ़ थाना के एएसआई व मामले में जांच अधिकारी धर्मेन्द्र बेनर्जी ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस ने शव का पंचनामा किया. पोस्टमार्टम के बाद शव को महिला को सौंप दिया गया. बेनर्जी के मुताबिक मानमती के ससुराल पक्ष के लोग अंबिकापुर में रहते हैं. सिट्टा गांव में झोपड़ीनुमा घर में पति—पत्नी अकेले ही रहते थे. मौत की सूचना मानमती ने शिवनाथ के परिवार वालों को दी, लेकिन कोई नहीं आया.



मानम​ती ने पुलिस को बताया पति शिवनाथ के मौत की सूचना गांव वालों के साथ ही सरपंच हृदय सिंह को भी दी थी, लेकिन मदद को कोई भी आगे नहीं आया.

हालांकि परसगढ़ी के सरपंच हृदय सिंह ने पुलिस को बताया कि उन्हें कोई सूचना नहीं मिली थी.

अब सवाल यह उठता है कि आखिर एक बेसहारा महिला की मदद को कोई भी तैयार क्यों नहीं हुआ. इसको लेकर भी गांव में चर्चाओं का दौर है. चर्चा है कि करीब 25 साल पहले गोड़ जनजाति के शिवनाथ ने मानमती के साथ प्रेम विवाह किया था. इसके चलते परिवार व गांव वालों ने उसका बहिष्कार कर दिया. यही कारण है कि उनकी मदद के लिए कोई नहीं आया.

कुछ लोग प्रेम विवाह के कारण बहिष्कार की बात से इनकार कर रहे हैं. मानमती ने भी अपने बयान में पुलिस को ऐसा कुछ नहीं बताया. एक चर्चा यह भी है कि शिवनाथ आदतन शराबी था. इसके चलते गांव वालों से आए दिन विवाद होता रहता था. यही कारण है कि मौत के बाद कोई भी मदद के लिए नहीं आया. बहरहाल पुलिस मामले में जांच कर रही है. सरपंच सहित गांव के अन्य लोगों से भी बयान लिया जा चुका है.

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