“दीनदयाल उपाध्याय जी एकात्म मानववाद के सच्चे प्रणेता थे” — गोपाल कृष्ण सिंघल
शिवपुरी। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद (योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, म.प्र. शासन) विकासखंड शिवपुरी के तत्वावधान में पं. दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती के उपलक्ष्य में विकासखंड स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, श्रीमंत माधवराव सिंधिया स्नातकोत्तर महाविद्यालय, शिवपुरी में किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ समाजसेवी एवं विवेकानंद केंद्र शिवपुरी के नगर संचालक श्री गोपाल कृष्ण सिंघल तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री नंदकिशोर शर्मा, परियोजना अधिकारी, जिला पंचायत शिवपुरी एवं श्री शिशुपाल सिंह जादौन, विकासखंड समन्वयक शिवपुरी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण कर किया गया। कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए विकासखंड समन्वयक श्री शिशुपाल सिंह जादौन ने उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों को संगोष्ठी के उद्देश्य से अवगत कराया।
मुख्य अतिथि श्री गोपाल कृष्ण सिंघल ने अपने संबोधन में कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय जी एकात्म मानववाद के प्रणेता थे। उन्होंने सदैव समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान और कल्याण की चिंता की। उनके जीवन और विचारों से यह प्रेरणा मिलती है कि समाज के सबसे कमजोर एवं वंचित व्यक्ति का विकास सुनिश्चित किए बिना समग्र विकास की कल्पना अधूरी है।
उन्होंने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय जी का एकात्म मानववाद समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलने तथा सभी के सर्वांगीण विकास की प्रेरणा देता है। उनके विचार आज भी समाज और राष्ट्र के लिए प्रासंगिक हैं।
विशिष्ट अतिथि श्री नंदकिशोर शर्मा, परियोजना अधिकारी, जिला पंचायत शिवपुरी ने कहा कि आज केंद्र सरकार द्वारा “सबका साथ, सबका विकास” के उद्देश्य से किए जा रहे प्रयासों में अंत्योदय की भावना दिखाई देती है। पं. दीनदयाल उपाध्याय जी का मानना था कि जब तक समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ नहीं पहुंचता, तब तक विकास की अवधारणा पूर्ण नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से समाज की अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम का संचालन परामर्शदाता श्री केशव शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर परामर्शदाता श्रीमती रेखा समाधिया, श्रीमती पदमा शिवहरे एवं श्रीमती सीमा खटीक सहित जन अभियान परिषद की प्रस्फुटन समितियों के सदस्य, सीएमसीएलडीपी के छात्र-छात्राएं एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
संगोष्ठी के माध्यम से उपस्थित प्रतिभागियों ने पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के जीवन, विचारों एवं अंत्योदय तथा एकात्म मानववाद के सिद्धांतों को समझने और उन्हें समाज के हित में आत्मसात करने का संकल्प लिया।



