शिवपुरी। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रदेश में दूध उत्पादन दोगुना करने के संकल्प को साकार करने के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग मैदान में उतर गया है। इसी कड़ी में जिले में चलाए जा रहे 'दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान' के तहत विभागीय टीम सीधे पशुपालकों के द्वार तक पहुंच रही है।
शिवपुरी विकासखंड में 27 सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों और 'मैत्री' कार्यकर्ताओं की टीम ने 1,413 पशुपालकों के घर-घर जाकर संवाद किया और उन्हें आधुनिक पशुपालन की तकनीकों से अवगत कराया।
'सेक्स सॉर्टेड सीमेन' और 'गोरस ऐप' की दी गई जानकारी
पशुपालन विभाग के उपसंचालक ने बताया कि इस संपर्क अभियान के दौरान पशुपालकों को सेक्स सॉर्टेड सीमेन (Sex-Sorted Semen) तकनीक के फायदों के बारे में विस्तार से समझाया गया। इस तकनीक से उच्च नस्ल की बछड़ियों का जन्म होता है, जिससे भविष्य में दूध उत्पादन में तेजी से वृद्धि होती है।
इसके साथ ही, पशुपालकों को 'गोरस' (Goras) मोबाइल ऐप डाउनलोड कराया गया और उन्नत पशुपालन से जुड़ी डिजिटल रील्स (Reels) दिखाई गईं।
विभागीय व्हाट्सएप चैनल से जुड़े पशुपालक
पशुपालकों को मौसम, पशुओं के खान-पान, बीमारी से बचाव और नई तकनीकों की अपडेटेड जानकारी समय पर मिलती रहे, इसके लिए उन्हें पशुपालन एवं डेयरी विभाग के आधिकारिक व्हाट्सएप चैनल से भी जोड़ा गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों की लागत घटाकर उनकी आय बढ़ाना है।
तीसरे चरण में 15,190 पशुपालकों से सीधा संवाद
अभियान के तीसरे चरण के तहत जिले के 15,190 ऐसे पशुपालकों के घरों को कवर किया गया, जिनके पास 3 से 4 दुधारू पशु हैं। टीम ने पशुओं के नस्ल सुधार, संतुलित आहार योजना और स्वास्थ्य प्रबंधन के बारे में जागरूक किया।
राज्य और संभाग स्तरीय अधिकारियों ने किया सत्यापन
अभियान की पारदर्शिता और प्रभावशीलता जांचने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद मैदानी निरीक्षण किया। राज्य स्तरीय जिला नोडल अधिकारी डॉ. ज्योति जैन, ग्वालियर संभाग के संयुक्त संचालक डॉ. अनिल अग्रवाल और उपसंचालक डॉ. एल.आर. शर्मा ने डोर-टू-डोर मुलाकातों का सत्यापन किया।
