शिवपुरी (मध्य प्रदेश)। बाल विवाह जैसी कुरीति को जड़ से खत्म करने और बच्चों के सुरक्षित एवं शिक्षित भविष्य के लिए कलेक्टर एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी श्री अर्पित वर्मा ने जिले के सभी अभिभावकों के नाम एक खुला खत जारी किया है। उन्होंने समाज से एकजुट होकर बाल विवाह को रोकने और 'बाल विवाह मुक्त भारत अभियान' को सफल बनाने का आह्वान किया है।
बचपन बचाना पूरे समाज की जिम्मेदारी: कलेक्टर
कलेक्टर श्री वर्मा ने अपने संदेश में कहा कि बच्चे देश की अमूल्य धरोहर हैं और एक स्वस्थ, सुरक्षित बचपन ही सशक्त समाज की नींव रखता है।
- शोषण और कुरीतियों पर रोक: बाल श्रम, यौन शोषण, हिंसा और बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयां बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बुरी तरह प्रभावित करती हैं।
- विकास का अधिकार: हर बच्चे को बिना किसी भेदभाव, उपेक्षा और हिंसा के सुरक्षित माहौल में पढ़ने और आगे बढ़ने का अधिकार है।
- वर्ष 2030 तक का लक्ष्य: केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'बाल विवाह मुक्त भारत अभियान' का लक्ष्य देश को 2030 तक बाल विवाह से पूरी तरह मुक्त कराना है, जो जन-सहभागिता के बिना संभव नहीं है।
बाल विवाह कानूनन अपराध: यहाँ दें तुरंत सूचना
कलेक्टर ने अपील की है कि यदि जिले में कहीं भी बाल विवाह कराए जाने की जानकारी मिले, तो तुरंत प्रशासन या हेल्पलाईन नंबरों पर सूचित करें। आपका एक कदम किसी मासूम का भविष्य संवार सकता है।
आपातकालीन व सहायता नंबर:
- चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098
- पुलिस आपातकालीन सेवा: 112
- महिला हेल्पलाइन: 181
- जिला कंट्रोल रूम (शिवपुरी): 07492-356963
अपील: "स्वयं बाल विवाह न करें और न ही अपने आसपास होने दें। समाज के सजग प्रयास ही हर बच्चे को safe, educated और empowered वातावरण दे सकते हैं।" — अर्पित वर्मा, कलेक्टर शिवपुरी
