शिवपुरी: सड़कों पर खुले छोड़े मवेशी तो होगी सख्त कानूनी कार्रवाई, कलेक्टर ने जारी किया प्रतिबंधात्मक आदेश

शिवपुरी में सड़क पर घूमते मवेशियों के पास खड़े अधिकारी और प्रशासन की चेतावनी बोर्ड, जिस पर धारा 223 और पेनल्टी का आदेश लिखा है।

शिवपुरी (मध्य प्रदेश)। सड़कों पर आवारा घूमते पशुओं से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं और जान-माल के खतरे को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री अर्पित वर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 163 के तहत संपूर्ण शिवपुरी जिले में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है।

​अब यदि कोई भी पशुपालक अपने मवेशियों या गौवंश को सार्वजनिक सड़कों और स्थलों पर खुला छोड़ता है, तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

पशुपालकों के लिए जारी दिशा-निर्देश

  • ​सड़क पर पशु छोड़ना प्रतिबंधित: बीमार, विकलांग या अन्य मवेशियों को सड़कों पर छोड़ना पूरी तरह मना है। यदि मजबूरी हो, तो स्थानीय निकाय के सहयोग से उन्हें गौशाला में सौंपें।
  • ​खर्च की होगी वसूली: आवारा छोड़े गए पशुओं को गौशाला या सुरक्षित स्थान पर भेजने और उनके रखरखाव का पूरा खर्च संबंधित पशुपालक से भू-राजस्व के बकाया की तरह वसूला जाएगा।
  • ​अनिवार्य रजिस्ट्रेशन: नगर पालिका सीमा में रखे जाने वाले प्रत्येक पशु का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर तय रजिस्ट्रेशन शुल्क का 10 गुना जुर्माना वसूला जाएगा।

विभिन्न विभागों को दिए गए निर्देश

  • सड़कों पर पेट्रोलिंग: NHAI, PWD और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से जुड़े विभाग अपनी-अपनी सड़कों पर लगातार पेट्रोलिंग करेंगे।
  • ​त्वरित इलाज और निस्तारण: दुर्घटना में पशुओं के मृत होने पर उनके तत्काल निस्तारण और घायल होने पर पशुपालन विभाग के सहयोग से इलाज कराया जाएगा।
  • ​मुनादी और पुलिस गश्त: नगर पालिका, नगर परिषद और ग्राम पंचायतें मुख्य सड़कों पर पशुओं को बांधकर रखने हेतु मुनादी कराएंगी। रात्रि पुलिस गश्त के दौरान सड़क पर मवेशी मिलने पर उनकी फोटो खींचकर संबंधित निकाय को सूचित किया जाएगा।

आपातकालीन नंबर: मृत या घायल पशु की सूचना यहाँ दें

यदि आपको सड़क पर कोई घायल या मृत मवेशी दिखाई दे, तो तुरंत इन नंबरों पर संपर्क करें:

​उपसंचालक, पशुपालन एवं डेयरी विकास (शिवपुरी): 87707-53691
​NHAI आपातकालीन हेल्पलाइन: 1033
​चलित पशु चिकित्सा इकाई (टोल-फ्री): 1962

​⚠️ चेतावनी (उल्लंघन पर कार्रवाई): आदेश का उल्लंघन करने वाले पशुपालकों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 223, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 और म.प्र. नगरपालिका अधिनियम 1956 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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