शिवपुरी (मध्य प्रदेश)। ग्रामीण अंचलों के प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल पहुँचाने की समीक्षा के लिए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा की अध्यक्षता में 'जिला जल एवं स्वच्छता मिशन' की बैठक आयोजित की गई। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) और म.प्र. जल निगम की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। Collector ने स्पष्ट चेतावनी दी कि "हर घर जल" शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता या घटिया निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जल जीवन मिशन की प्रगति: एक नज़र में
- 504 एकल नल-जल योजनाएँ: जिले में कुल 3,22,711 नल कनेक्शन देने का लक्ष्य है, जिसके मुकाबले अब तक 1,75,061 परिवारों को कनेक्शन दिए जा चुके हैं।
- 338 योजनाएँ पूर्ण: 338 ग्रामों में काम पूरा हो चुका है, जबकि शेष योजनाओं में कार्य की गति बढ़ाकर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
- 540 गांवों का लक्ष्य: कलेक्टर ने 540 गांवों में जारी योजनाओं को तय समय-सीमा में पूरा कर निर्बाध जलापूर्ति शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
धीमी गति पर ठेकेदारों को नोटिस, SDM पोहरी करेंगे पाइपलाइन की जांच
- ठेकेदारों पर गाज: म.प्र. जल निगम के निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब और लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों को तत्काल प्रभाव से कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
- पाइपलाइन गहराई व गुणवत्ता जांच: ग्रामीण क्षेत्रों में तय मानकों के अनुसार पाइपलाइन न बिछाने की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने एसडीएम पोहरी को मैदानी निरीक्षण कर लाइन की गहराई और गुणवत्ता की सूक्ष्मता से जांच करने के आदेश दिए हैं।
- अंतर-विभागीय समन्वय: PWD, जल संसाधन और BSNL जैसे अन्य विभागों के निर्माण कार्य से पेयजल लाइनें बाधित न हों, इसके लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों (SDM) को नियमित मॉनिटरिंग और समन्वय स्थापित करने को कहा गया है।
सख्त निर्देश: "समयबद्धता और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों के हर परिवार तक निर्धारित समय-सीमा में शुद्ध पेयजल पहुँचाना अनिवार्य है।" — अर्पित वर्मा, कलेक्टर शिवपुरी
