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शिवपुरी|बच्चों को कुपोषण और डायरिया जैसी गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए शिवपुरी जिले में 'दस्तक अभियान (प्रथम चरण) सह स्टॉप डायरिया कैम्पेन-2026' की शुरुआत हो गई है। मंगलवार को महल सराय (वार्ड क्र. 24) के आंगनवाड़ी केंद्र में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नेहा यादव ने इस विशेष अभियान का विधिवत शुभारंभ किया।
कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा के निर्देशन और सीएमएचओ डॉ. संजय ऋषीश्वर के नेतृत्व में यह अभियान 14 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक संचालित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य बाल मृत्यु दर में कमी लाना और 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में बीमारियों की समय पर पहचान कर उनका इलाज करना है।
विकासखंडों में भी गूंजी अभियान की गूंज
जिला मुख्यालय के साथ-साथ अन्य विकासखंडों में भी जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में अभियान की शुरुआत हुई:
पिछोर: विधायक श्री प्रीतम लोधी ने अभियान का शुभारंभ किया।
नरवर: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विधायक प्रतिनिधि श्री उदयवीर सिंह बैश्य द्वारा शुरुआत की गई।
इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी जैसे डॉ. रोहित भदकारिया (जिला टीकाकरण अधिकारी) और श्री डी. एस. जौदोन (जिला कार्यक्रम अधिकारी) भी मौजूद रहे।
33 दिनों तक घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य टीमें
सीएमएचओ डॉ. संजय ऋषीश्वर ने बताया कि आगामी 33 कार्य दिवसों तक यह विशेष अभियान चलेगा। इसके तहत ANM, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की संयुक्त टीमें घर-घर जाकर 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करेंगी।
स्क्रीनिंग और रेफरल: बीमार, कुपोषित और उच्च जोखिम वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें तुरंत इलाज दिया जाएगा। गंभीर बच्चों को उच्च स्वास्थ्य केंद्रों में रेफर किया जाएगा।
निगरानी: आयुष्मान आरोग्य मंदिर और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स पर तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHOs) इस पूरे अभियान की मॉनिटरिंग करेंगे।
बच्चों को मिलेंगी आवश्यक दवाएं और पोषण
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रोहित भदकारिया के अनुसार, गंभीर कुपोषित (SAM) बच्चों की पहचान के लिए DSS टूल का उपयोग किया जाएगा। अभियान के दौरान बच्चों को निम्नलिखित स्वास्थ्य लाभ दिए जाएंगे:
ओआरएस और जिंक: हर बच्चे के परिवार को 2 ओआरएस पैकेट और 14 जिंक टैबलेट दी जाएंगी।
पोषण अनुपूरक: 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को आयरन फोलिक एसिड (IFA) सिरप और 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन-ए की खुराक दी जाएगी।
जागरूकता: परिवारों को हाथ धोने की आदत, स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल के प्रति जागरूक किया जाएगा।
जगह-जगह बनेंगे ORS-जिंक कॉर्नर
जिले के मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, संजीवनी क्लीनिकों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर विशेष ORS-Zinc कॉर्नर बनाए जा रहे हैं। यहाँ दस्त से पीड़ित बच्चों को तुरंत दवा मिलने के साथ-साथ परिजनों को काउंसिलिंग भी दी जाएगी।
प्रशासन की जनता से अपील
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घर आने वाली स्वास्थ्य टीमों को पूरा सहयोग दें। यदि 5 वर्ष से कम उम्र के किसी भी बच्चे को दस्त की शिकायत हो, तो बिना देर किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या आशा कार्यकर्ता से संपर्क कर ओआरएस और जिंक का पूरा कोर्स जरूर लें।
