शिवपुरी: जलाशयों से जलकुंभी हटाने के लिए कलेक्टर के कड़े निर्देश, मानसून से पहले काम पूरा करने का अल्टीमेटम

 


शिवपुरी। शहर के जल स्रोतों के संरक्षण और पर्यावरण सुधार को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला वेटलैंड समिति की बैठक में कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने जलाशयों में फैली जलकुंभी की समस्या पर चिंता जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को एक ठोस और सुनियोजित कार्ययोजना के तहत काम करने के सख्त निर्देश दिए हैं।


तीन विभागों के समन्वय से हटेगी जलकुंभी

कलेक्टर अर्पित वर्मा ने स्पष्ट किया कि जलकुंभी हटाना शहर के पर्यावरण और जलीय जीवन के लिए बेहद जरूरी है। इस कार्य को प्रभावी ढंग से अमलीजामा पहनाने के लिए उन्होंने तीन प्रमुख विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के लिए निर्देशित किया है:

 वन विभाग
 जलसंसाधन विभाग
 नगरपालिका

शहर के प्रमुख जलाशयों की सुंदरता और पर्यावरण को नुकसान पहुँचा रही जलकुंभी को तत्काल और पूरी तरह से साफ किया जाए, ताकि जल की गुणवत्ता और जलीय जीवों को सुरक्षित किया जा सके।
अमित वर्मा, कलेक्टर

 बैठक के मुख्य फैसले और महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश

 कर्बला पुल पर स्टॉप डैम: जल संरक्षण को बढ़ावा देने और जल स्तर (Water Level) को बनाए रखने के लिए कर्बला पुल पर स्टॉप डैम की विस्तृत कार्ययोजना जल्द से जल्द तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

 हाइड्रोलिक गेटों की तकनीकी खराबी का समाधान: जलाशयों के हाइड्रोलिक गेट ठीक तरीके से न खुलने की समस्या को कलेक्टर ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे स्वयं मौके पर जाएं, तकनीकी कमियों का बारीकी से निरीक्षण करें और व्यवस्था में तुरंत सुधार करें।

 मानसून से पहले काम पूरा करने का लक्ष्य: कलेक्टर ने सख्त लहजे में कहा कि जलभराव और तकनीकी कमियों को समय रहते दूर किया जाए। बरसात शुरू होने से पहले ये सभी काम अनिवार्य रूप से पूरे हो जाने चाहिए ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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