लगातार हादसों से ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्रोतों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
बड़ा सवाल-- यह है कि क्या अशोकनगर और शिवपुरी के जिला कलेक्टरों ने इन घटनाओं की समीक्षा कर ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंचों को ठोस सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए हैं, ताकि अन्य गांवों में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
साथ ही, प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी इस मामले में संज्ञान लेकर पूरे मध्यप्रदेश में प्रभावी सुरक्षा उपाय लागू कराने चाहिए, जिससे भविष्य में मासूम बच्चों की तालाब में डूबने से होने वाली मौतों को रोका जा सके।
शिवपुरी/अशोकनगर, सोमवार (8 अप्रैल 2026):
समय खबर डॉट कॉम
मध्यप्रदेश के अशोकनगर और शिवपुरी जिलों में सोमवार को तालाब में डूबने की दो अलग-अलग घटनाओं में चार मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि दो बच्चों को ग्रामीणों की तत्परता से सुरक्षित बचा लिया गया। दोनों घटनाओं के बाद संबंधित क्षेत्रों में शोक का माहौल है।
अशोकनगर में तीन दोस्तों की डूबने से मौत
अशोकनगर जिले के नई सराय थाना क्षेत्र के अचलेश्वर ग्राम में मयंक रघुवंशी (16), ओम रघुवंशी (15) और देव रघुवंशी (14) अपने दोस्तों के साथ सोमवार दोपहर क्रिकेट खेलने के लिए घर से निकले थे।
खेल के दौरान सभी बच्चे पास के तालाब पर नहाने पहुंच गए। नहाते समय एक बच्चा गहरे पानी में डूबने लगा, जिसे बचाने के प्रयास में अन्य बच्चे भी पानी में उतर गए। इस दौरान मयंक, ओम और देव गहराई में समा गए।
घटना की सूचना मिलते ही परिजन, ग्रामीण और प्रशासन मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू टीम ने मशक्कत के बाद तीनों बच्चों के शव तालाब से बाहर निकाले। बताया जा रहा है कि तीनों ही अपने-अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे।
घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए।
शिवपुरी में एक मासूम की मौत, दो बच्चों को बचाया गया
वहीं शिवपुरी जिले के गोवर्धन थाना अंतर्गत ग्राम धोरिया में हुई दूसरी घटना में तालाब में नहाने के दौरान एक मासूम की डूबने से मौत हो गई, जबकि दो बच्चों को बचा लिया गया।
जानकारी के अनुसार, बच्चों का एक समूह तालाब में नहा रहा था, तभी कुछ बच्चे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। इस दौरान भैंसों को पानी पिलाने पहुंचे रामगोपाल जाटव ने तुरंत तालाब में छलांग लगाकर शिवम और आर्यन को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
इसके बाद ग्रामीणों ने एक अन्य बच्चे बाबू की तलाश शुरू की। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला गया और बैराड़ स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां से गंभीर हालत में शिवपुरी रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटनाओं से उठे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
दोनों घटनाओं में बच्चों के तालाब में नहाने के दौरान गहरे पानी में चले जाने से हादसा हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में खुले जल स्रोतों के आसपास सुरक्षा उपायों की कमी को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है।
अशोकनगर और शिवपुरी में हुई इन घटनाओं ने एक बार फिर तालाबों में नहाने के दौरान बरती जाने वाली सावधानी और सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता को उजागर किया है। दोनों ही जिलों में हुई इन घटनाओं के बाद शोक का माहौल बना हुआ है।