अतिक्रमणकारी ने हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना को स्वीकारा अब अतिक्रमण कर्ता ताराचंद राठौड़ खुद हटाएंगे दीवार




शिवपुरी। शिवपुरी में जमीनों पर कब्जे की गैरकानूनी होड के चलते पोहरी रोड पर डॉ अनुराग भार्गव के पोहरी रोड स्थित मकान के पास की सरकारी भूमि पर  ताराचंद राठौर ने जबरन कब्जा करने की कोशिश एक सीमेंट की दीवार बनाकर करीब तीन माह पहले की थी।ऐसा सरकारी छुट्टी का का लाभ उठाकर और डॉ अनुराग के शिवपुरी में अनुपस्थित होने के कारण आसानी से कर लिया था।जबकि यहां आम,कटहल,जामुन और कई प्रकार के फूलों के पेड़ लगे हुए थे, जिनमें से अनेक पेड़ हितैची से नेस्तनाबूद कर दिए थे।यही नहीं ट्रैक्टर से पिलर के लिएगड्ढे खोदकर, सीमेंट के खंभे गाड़कर बाउंड्री वाल बना ली थी। जबकि यह मामला उच्च न्यायालय, गवालियर में विचाराधीन होने के साथ साथ, इस पर स्थगन भी मिला हुआ था।अनुराग भार्गव के वकील ने अतिक्रमण की इस कर्यवाही को रोकने के लिए तत्काल आवेदन और हाइकोर्ट के आदेश के साथ पुलिस कोतवाली और पुलिस अधीक्षक को जानकारी भी दी,लेकिन अदालती आदेश की अवमानना के बावजूद कब्जे को रोकने की कोई कोशिश नहीं हुई।
           हाईकोर्ट ने पहले दिनांक 17/08/2022 को अगली सुनवाई की तारीख तक प्रतिवादी को किसी भी तीसरे पक्ष के अधिकारों का निर्माण करने और अपीलकर्ता के शांतिपूर्ण कब्जे में हस्तक्षेप करने से रोकने का आदेश दिया।इसके बाद इसी आदेश को आगे बढ़ाते हुए दिनांक 05/03/2025 को कहा कि यह निर्देश दिया जाता है कि इस अपील के अंतिम निपटारे तक किसी तीसरे पक्ष के अधिकार का सृजन नहीं किया जाएगा है।बावजूद अवैध कार्यवाही जारी रही और दिनदहाड़े दीवार खड़ी कर दी गई।
               आखिर में मजबूर होकर डॉ अनुराग भार्गव इस अतिक्रमण के फोटो और विजुअल के साक्ष्य के साथ हाईकोर्ट के वकील प्रशांत शर्मा के जरिए स्थगन के उल्लंघन की शिकायती अर्जी दाखिल की।विविध दीवानी मामला संख्या 4658 वर्ष 2025 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।इसकी सुनवाई माननीय न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया लगातार तीन दिन इस मामले की सुनवाई की।सुनवाई के दौरान अतिक्रमणकारी ताराचंद राठौड़ के वकील प्रखर डेंगुला उपस्थित रहे। न्यायालय ने इस धारा 39/ 2-ए सीपीसी के तहत दायर दिनांक 17.8.2022 के अंतरिम आदेश का स्पष्ट उल्लघंन माना।हालांकि आरंभ में प्रतिवादी के वकील ने निर्मित सीमा दीवार को उचित ठहराने का प्रयास किया।लेकिन न्यायालय के कड़े रुख का अनुभव करते हुए दीवार को अंतरिम आदेश का उल्लंघन तो माना ही खड़ी की गई दीवार को खुद हटाने की बात भी मानने को बाध्य हुए।यह आदेश प्रकरण क्रमांक 4658 दिनांक  24 फरवरी 2026 को दिया गया है।

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