पार्वती नदी में अवैध उत्खनन से एक आदिवासी मजदूर की मौत


अवैध उत्खनन से पहले भी जा चुकी है कई जाने
प्रशासन की लापहरवाही के चलते मौत का सिलसिला बदस्तुर जारी। 

माखन सिंह धाकड़ बैराड।

 शिवपुरी जिले के पोहरी अनुविभाग अंतर्गत बैराड़ थानांतर्गत ग्राम ऐचवाड़ा के समीप पार्वती नदी पर चल रहे रेत के अवैध उत्खनन के चलते फिर एक मजदूर आदिवासी के रेत में दबकर मौत हो गई। इस नदी पर पिछले दो तीन सालों में कई मजदूरों की जाने जा चुकी है परन्तु इसके बाबजूद भी पुलिस प्रशासन एवं राजस्व विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जाती। रेत में दबने से जिस मजदूर राजेन्द्र पुत्र रंजीत आदिवासी उम्र 25 साल निवासी ग्राम मजेरा थाना सुरवाया जिला शिवपुरी की मौत हुई वह अपने मामा बासू ग्राम गणेशखेडा में मजदूरी करने आया था। 
विगत दिवस हुये इस मामले ने  उक्त दोनो विभागों द्वारा रोजनामचा भर इति श्री कर ली न तो विभाग ने मजदूर के परिजनों को कोई आर्थिक मदद की घोषणा की और न ही रेत के इस अवैध उत्खनन को रोकने के संबंध में कोई ठोस कदम उठाये
पोहरी अनुविभाग अंतर्गत बैराड क्षेत्र से निकली पार्वती नदी के एंचवाडा क्षेत्र में अवैध उत्खनन का कारोबार किये जाने की शिकायतें कई बार की जा चुकी है। इस संबंध में कई जानकारी सामाचार पत्रों एवं इलेक्ट्रानिक मिडीया के माध्यम से तहसील से लेकर जिले के अधिकारियों को सज्ञान में लाई गई परन्तु आज तक उक्त अवैध उत्खनन को रोकने के लिये कोई ठोस कदम विभाग द्वारा नहीं उठाया गया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस क्षेत्र में हो रहे अवैध उत्खनन को इसलिये रोक नहीं लगती कि इस कार्य के एवज में कमाई का एक हिस्सा बैराड के प्रशासनिक अमले को भी पहुंचता है। पिछले दिनों स्वंय एसडीएम पोहरी उक्त क्षेत्र में पहुंची थी और उन्हे देखकर टेक्ट्रर चालक अपना टेक्ट्रर छोडकर वहां से भाग खडा हुआ था परन्तु इसके बावजूद भी इस मामले में किसी भी टेक्टर चालक के उपर कोई कार्यवाही नहीं की गई और न ही टे्रक्टर-ट्राली को जप्त किया गया। 
कुल मिलाकर इस क्षेत्र में प्रशासन की नाक के नीचे अवैध उत्खनन अब तक जारी रहा। पूर्व में इस अवैध उत्खनन के चलते  ग्राम मारोरा के सुदामा गोस्वामी पुत्र सरवन पुरी गोस्वामी, निवास पुरी गोस्वामी पुत्र सरवन गोस्वामी, नितेश पुरी पुत्र बाल पुरी गोस्वामी, देवेंद्र गोस्वामी, चारो लड़के नाबालिक मिट्टी खोदते समय काल के मुंह में समा गए।  ग्राम रसेरा नारायण पुत्र जगनू ओझा, नेपाल पुत्र नंदकिशोर धाकड़, दौलतराम धाकड़ कुछ साल पहले रसेरा गांव की पार्वती  नदी में बजरी खोदते समय दबकर मौत हो गई। अवैध उत्खनन ने के परिणामस्वरूप फिर एक आदिवासी मजदूर की मौत होने के बाबजूद भी प्रशासन इस और कोई ध्यान नहीं दे रहा। 


राजस्व विभाग को लाखों रूपये की हानि
नदी के पास से रेत उत्खनन के चलते राजस्व विभाग को अपने ही अधिकारियों की बजह से लाखों रूपये की हानि हो रही है। इससे तो अच्छा हो राजस्व विभाग द्वारा उक्त रेत उत्खनन के लिये रॉयल्टी सिस्टम जारी कर दे जिसके चलते राजस्व विभाग को आय तो होगी ही साथ ही अवैध रूप से निकाली जाने वाली इस रेत में जो भी मजदूर इस तरह से हादसे का शिकार होगा उसके परिवार को आर्थिक मदद नियमानुसार की जा सकेगी। अवैध रूप किये जाने वाले उत्खनन के चलते पहले भी जिन लोगों की मौत हुई थी उनको प्रशासन द्वारा कोई मदद नहीं की जा सकी थी।


अवैध खुदाई के दौरान पहले निकली थी मुर्तिया
विगत दिनों इस क्षेत्र में अवैध खुदाई के दौरान कुछ मुर्तिया भी निकली थी। जिसके चलते जिला प्रशासन के बरिष्ठ अधिकारी  भी उस क्षेत्र में पहुंचे थे और मुर्तियों को सग्रहालय भिजवाया गया था उस समय भी अवैध खुदाई का सिलसला जारी था जिसे अधिकारियों ने स्वंय देखा था परन्तु इसके बावजूद भी रेत के इस अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई गई। कुल मिलाकर प्रशासन चाहता ही नहीं है कि यह अवैध उत्खनन रूके।

इनका कहना है-
पार्वती नदी के किनारे रेत निकाल रहे मजदूर आदिवाासी की मौत हुई है। जिस संबंध में हमने मृतक के परिजनों को बुलाया है। मर्ग कायम किया जा रहा है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। अवैध उत्खनन कौन कर रहा था अथवा करवा रहा था इस संबंध में भी जांच की जाकर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जावेगी।
                                    अरविंद चौहान, थानाप्रभारी, बेराड
इनका कहना है-
हमने अवैध उत्खनन के क्षेत्र में कई बार प्रशासनिक वल के साथ दविश दी है। एक बार हर्रई क्षेत्र से कई टैक्टर ट्राली पकडे थे। पार्वती नदी क्षेत्र विस्तृत है। अवैध उत्खननकर्ता कहीं भी अवैध उत्खनन करते हुये कार्य करते हैं। दविस देने जाते समय इनके आदमी कुछ कुछ दूरी पर बैठे रहते हैं। जिससे आगे उन्हें तत्काल हमारे आने की खबर लग जाती है और हम उन्हें नहीं पकड पाते। वर्तमान घटना के चलते जो भी जिला प्रशासन एवं एसडीएम महोदय का आदेश होगा उसके अनुसार हम कार्य करेंगे।
                                    रामनिवास धाकड, तहसीलदार, बैराड
इनका कहना है-
इस संबंध में हम मामले की गंभीरता से जांच करवा रहे हैं। इसके बाद ही मैं कुछ कह पाऊंगी।
                                    सुश्री पल्लवी वैद्य, एसडीएम, पोहरी

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