संस्था के स्वयं सेवक ने घर घर जाकर वितरित की सूखा राहत किट, फोटो पहचान उजागर न करने की पहल शुरू - samay khabar

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संस्था के स्वयं सेवक ने घर घर जाकर वितरित की सूखा राहत किट, फोटो पहचान उजागर न करने की पहल शुरू

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शक्तिशाली महिला संगठन ने किसी भी जरुरतमंद की फोटो एवं पहचान उजागर न करने की पहल की

शिवपुरी-सोसल मीडिया एवं अन्य किसी भी मीडिया में असली पहचान न जाहिर करने का संकल्प लिया
शिवपुरी। स्वयं सेवी संस्था शक्तिशाली महिला संगठन शिवपुरी ने गौशाला, पुरानी शिवपुरी, ठकुरपुरा  आदि स्थानों पर  आर्थिक रुप से पिछड़े मजदूर वर्ग के परिवारों एवं जरुरतमंद परिवारों को संकट कि इस विकट स्थिति में घर घर जाकर सूखा राशन किट मुहैया करायी जिससे कि ये परिवार अपने एवं अपने बच्चों को भूखा न सोने दें और घर पर ही सुरक्षित रहें। अधिक जानकारी देतेे हुये शक्तिशाली महिला संगठन समिति के सचिव रवि गोयल ने बताया कि संस्था द्वारा अपने विगत 1 अप्रेल से निरन्तर  अर्थिक रुप से कमजोर एवं जरुरत मंद परिवारों को 15 दिन का सूखा राशन रसोई किट मुहैया करा रही हैं जो कि ग्राम स्तर से लेकर वार्ड स्तर तक किया जा रहा हैं । संस्था की पूरी टीम दिन रात इस काम में लगी हुयी है किसी भी जरुरतमंद को राशन देने की केवल एक शर्त हैं कि वह वाकई में जरुरतमंद हो क्योकि संस्था यह कार्य अपने निजी एवं दानदाताओं के सहयोग से कर रही हैं किसी भी दानदाता द्वारा अगर 100 रुपये भी दिया जाता हैं तो उसके एक भी रुपये का सहयोग किसी गलत व्यक्ति को न मिल जाये इस बात पर ज्यादा जोर देते है। संस्था वार्ड एवं ग्राम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सुपोषण सखी के माध्यम से यह पता कराती हैं कि जिस व्यक्ति का नाम राशन किट के लिए आया हैं क्या वह वाकई में जरुरतमंद हैं कि नही और जैसे ही यह कन्फर्म हो जाता हैं परिवार वाकई में जरुरत मंद हें तो तत्काल संस्था के स्वयंसेवक प्रमोद गोयल, पूजा शर्मा, कमलेश कुश्वाह, अंकित कुश्वाह, रवि गोयल एवं राहुल भोला राशन किट  लेकर संबधित हितग्राही को देकर आते हैं। संस्था द्वारा एक अभिनव पहल यह भी कि गई हैं कि अब हम किसी जरुरतमंद को सूखा राशन देते हैं तो उसका फोटो एवं नाम व पहचान किसी भी मीडिया या अन्य स्थान पर सार्वजनिक नही करेगें जिससे कि जरुरतमंद की गरिमा को किसी भी प्रकार की ठेस न पहुंचे एवं उनका आत्म सम्मान बना रहे यह पहल प्रारंभ की जा चुकी हैं । संस्था द्वार जब जन सहयोग व अन्य एजेन्सी से चंदा या सहयोग लिया जाता है। तो संस्था की जबाबदेही उनके प्रति भी होती हैं यही बजह है कि संस्था को फोटो क्लिक तो करना पड़ता है लेकिन हम  असली पहचान उजागर नही करते हें संस्था के सचिव रवि गोयल अपने साथ हुआ एक मार्मिक घटना शेयर करते हुये बताया कि हम मनियर के एक कच्चे घर में रहने वाले मजदूर परिवार को सूखा राशन किट दे रहे थे तो उनकी 8 साल की बेटी ने राशन लेने से मना कर दिया कि अंकल आप ये फोटो अखबारों में एवं सोशल मीडिया में डालेगें और हमारा मजाक उडे़गा ऐसी सहायता हमें नही चाहिये तब रवि गोयल ने परिवार को विश्वास दिलाया कि हम आपकी फोटो एवं पहचान गुप्त रखेंगें किसी सोशल साईट पर एवं अखबारों में आपका असली फोटो का उपयोग नही करेंगें। उन्होेने बिटिया समझाया कि जो हम आपको जो राशन लेकर आये हैं वह हमको उन लोगो को बताना पड़ता हैं जो लोग हमको सहयोग करते है इसके लिए हमको फोटो लेना पड़ता है। जिससे कि हम और अधिक से अधिक लोगों की मदद कर पाऐ लेकिन आपने आज हमें एक नई सीख दी है। अब हम कभी किसी जरुरतमंद या सहायता पाने वाली की फोटो एवं पहचान किसी से भी साझा नही करेंगें।  जिससे आपकी गरिमा को कोई ठेस नही पहुंचे।

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