निगम चुनाव: बीजेपी का गढ़ बना UP, बीएसपी ने चौंकाया, सपा और पुराने राजनीतिक दल कांग्रेस का सफाया - samay khabar

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निगम चुनाव: बीजेपी का गढ़ बना UP, बीएसपी ने चौंकाया, सपा और पुराने राजनीतिक दल कांग्रेस का सफाया

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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी राज्य के लोकसभा सांसद हैं इसके बावजूद पार्टी नगर पंचायत और नगर पलिका तक का चुनाव जीतने में नाकाम रही.



लखनऊ| उत्तर प्रदेश में होने वाले निगम चुनाव के परिणाम आ गए जिसमें बीजेपी को जबरदस्त जीत मिली. इसी के साथ यूपी, बीजेपी का गढ़ बनता जा रहा है. 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को यूपी की अधिकतर सीटों पर जीत मिली इसके बाद 2017 में यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी भारी जीत दर्ज करते हुए अब निकाय में भी बाजी मार दी. निकाय चुनाव में जीत के बाद बीजेपी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में सबसे मजबूत पार्टी के रूप में उभर कर सामने आई है.

गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) लागू होने के बाद, व्यापारी वर्ग में बीजेपी के प्रति नाराजगी और भ्रम की स्थिति बताई जा रही थी उस वजह से भी यह चुनाव बीजेपी और आदित्यनाथ के लिए शहरी मतदाताओं में पकड़ के लिए लिटमस टेस्ट की तरह था. लेकिन परिणाम आने के बाद यह साफ हो गया कि शहरी मतदाताओं के बीच बीजेपी की पकड़ मजबूत ही नहीं बल्कि अपनी प्रतिद्वंदी पार्टियों सपा, बीएसपी और कांग्रेस को यूपी में लगभग खत्म कर दिया है.

मार्च में हुए विधानसभा चुनावों के बाद राज्य में ये पहला चुनाव था जिसमें बीजेपी की अगुआई वाली एनडीए के सुनामी ने विपक्ष को बर्खास्त कर दिया. बीजेपी 403 सदस्यीय सदन में 325 सीटों के साथ सत्ता में आई थी. इस चुनाव में योगी आदित्यनाथ स्टार प्रचारक थे और महापौर के चुनाव में हर शहर में रैलियों को संबोधित करते थे. बीजेपी को सीटों की जीत से पता चला कि आदित्यनाथ ने अब एक नेता के रूप में अपनी योग्यता साबित कर दी है जो पार्टी को राज्य में नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है. इस जीत के बाद से ऐसा लगता है कि अगले कुछ हफ्तों में होने वाले गुजरात विधानसभा चुनाव में आदित्यनाथ पार्टी के लिए प्रमुख प्रचारक के रूप में उभरकर सामने आएंगे.

बीएसपी के लिए उम्मीद-


निकाय चुनाव के नतीजों से मायावती की अगुवाई वाली बीएसपी के लिए कुछ अच्छी खबर है. 2014 के लोकसभा चुनाव और 2017 के विधानसभा चुनावों की अपेक्षा इस चुनाव में पार्टी बेहतर प्रदर्शन करने में कामयाब रही है. बीएसपी लोकसभा चुनाव में अपना खाता खोलने में असफल रही थी वहीं विधानसभा चुनावों में सिर्फ 19 सीटों पर जीत हासिल हुई थी. बीएसपी ने अलीगढ़ में मेयर की सीटें जीती हैं और झांसी और मेरठ में भी जीत दर्ज की है. इसका दलितों का वोट बैंक बरकरार है और पार्टी अब नगर पंचायत और नगर पलिका में मुख्य विपक्षी दल की स्थिति का दावा कर सकती है.

समाजवादी पार्टी में गिरावट का दौर जारी-


सपा में गिरावट लगातार जारी है. पार्टी की पकड़ शहरी जगहों से कम होती जा रही है. अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा 16 नगर निगमों में से किसी एक को भी जीतने में नाकाम रही है. इसके अलावा सपा नगर पंचायत और नगर पलिका में भी तीसरे स्थान पर रही. पार्टी में गुटबाजी के बाद अखिलेश दो प्रमुख चुनाव लड़े और दोनों चुनाव में बड़े अंतर से हारे.

कांग्रेस का सफाया-


भारत के सबसे पुराने राजनीतिक दल कांग्रेस को यूपी में एक और चोट पहुंची. यहां तक कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी राज्य के लोकसभा सांसद हैं इसके बावजूद पार्टी नगर पंचायत और नगर पलिका तक का चुनाव जीतने में नाकाम रही.

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