स्कूल संचालकों की मनमानी,अधिकारियों द्बारा दिए गए निर्देशों का नही कर रहे पालन - samay khabar

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स्कूल संचालकों की मनमानी,अधिकारियों द्बारा दिए गए निर्देशों का नही कर रहे पालन

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शिवपुरी
गुडगांंव के रयान स्कूल में हुए जघन्य हत्याकांड के बाद देश और प्रदेश का पुलिस प्रशासन सक्रिय हो उठा था जिसका असर तत्समय शिवपुरी में भी देखने को मिला था।छात्र प्रधुम्न की हत्या के बाद सक्रिय हुए पुलिस और परिवहन विभाग ने सभी स्कूल संचालकों के साथ स्थानीय पुलिस कंट्रोल रूम में बैठक रखी थी,इस बैठक में छात्रों की सुरक्षा से जुड़े हर पहलू पर चर्चा की गई थी और स्कूल संचालकों को सभी नियमों का पालन करने के सख्त निर्देश दिए गए थे,अन्यथा की स्थिति में कार्यवाही की बात कही गई थी।इस बैठक में जो निर्देश दिए गए थे वह बैठक तक ही सीमित होकर रह गए,किसी भी स्कूल संचालक ने इन नियमों का पालन करना उचित नही समझा और अगर नियमों का पालन किया गया होता तो बीते रोज जो घटना घटित हुई है वह नही होती।इस मामले में बताया जा रहा है कि बस का ड्रायवर छुट्टी पर था और बस कंडेक्टर द्बारा चलाई जा रही थी जिस कारण यह हादसा हुआ है।

बैठक में यह दिए निर्देश

बस स्टॉफ अगर कोई गलती करता है तो उसकी जिम्मेदारी स्कूल संचालकों की होगी,

पूर्व में ऐसा कई बार देखने में आया था कि कोई भी घटना घटित होते ही स्कूल संचालक यह कहते दिखाई देते थे की हमारा स्कूल बसों से कोई लेनादेना नही है


स्कूलों में संचालित सभी बस स्टाफ का वेरीफिकेशन स्कूल संचालकों द्बारा पुलिस से कराया जाएगा।स्टॉफ बदली होने की सूचना भी दी जायेगी और बस स्टाफ का नाम मोबाईल नम्वर और फोटो के साथ साथ अन्य जानकारी भी बस के बाहर चस्पा किया जायेगी।

स्कूल के अंदर बाहर सहित खेल मैदान व अन्य स्थानों पर सीसीटीव्ही कैमरे लगाए जाये और स्कूल में आने जाने बाले हर व्यक्ति पर नजर रखी जाएगी।


स्कूल बसों के अलाबा और कितने बाहन बच्चों को स्कूल छोड़ने आते है इस बात की पूरी जानकारी स्कूल प्रबंधन को होनी चाहिये।

स्कूल के आसपास अगर शराब की दुकान है तो पुलिस को सूचित करें।

बसों में फास्टेएड बाक्स उपलब्ध होने चाहिए।

स्कूल में अनुपस्थित छात्रों की मॉनिट्रिंग भी स्कूल संचालक करें और पालकों से छात्रों के स्कूल न आने का कारण पूछे इसके लिए उन्हें स्कूल में एक अतिरिक्त स्टाफ की नियुक्ति करना पड़े तो वह भी करेंगे।

स्कूल में छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों के अलग-अलग टॉयलेट होने चाहिए।

स्कूल के चारों ओर बाउंड्रीबाल भी होनी चाहिये।

 सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हबाला देते हुए आरटीओ श्री कंग ने कहा था कि हर स्कूल बस में महिला स्टॉफ होने के साथ साथ बस में सीसीटीव्ही कैमरे भी लगे होना चाहिये।

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