गलती फीडबैक कंपनी की और पिट गए विद्युत कर्मचारी - samay khabar

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गलती फीडबैक कंपनी की और पिट गए विद्युत कर्मचारी

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राशिद खान

शिवपुरी: शिवपुरी जिले का अगस्त माह से रीडिंग एवं बिलिंग का कार्य एक निजी कंपनी फीडबैक को विद्युत कंपनी ने सौंप दिया। बस यहीं से सारी समस्या प्रारंभ हो जाती है। फीडबैक कंपनी के कर्मचारी ना तो घरों पर रीडिंग लेने आ रहे हैं ना ही सही समय पर बिल दे रहे है। घर बैठे ही मनगढ़ंत रीडि़ंग दर्ज कर ली जाती है जबकि कहा यह जाता है कि यह रीडिंग वह अपने मोबाईल से फोटो खींचकर स्पॉट पर ही बिलिंग करते है। उपभोक्ताओं से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह बिल्कुल सरार गलत है। यदि ऐसा होता तो बढ़ी हुई रीडिंग के बिल उपभोक्ताओं को नहीं मिलते। इसी समस्या के चलते कमलागंज में रहने वाली जरीना खान और विद्युत उपभोक्ता शहजादी बाई के पुत्र हाफिज खां बिलों में संशोधन कराने कस्टम गेट पहुंचे। जहां पहले से ही काफी भीड़ लगी हुई थी और हर कोई बढ़े हुए बिलों से परेशान था। जरीना ने जब विद्युत बिल संशोधन कर रहे कर्मचारी से उनके बढ़े हुए बिल की समस्या बताई तो उक्त कर्मचारी ने पीडि़त उपभोक्ता का बिल अपने पास रख लिया। इसी दौरान पुरानी शिवपुरी का रहने वाला एक अन्य उपभोक्ता उग्र हो गए और उन्होंने जेई रवि चौहान की कार्यप्रणाली को लेकर हंगामा कर दिया और गालीगलौच शुरू कर दी। इसी दौरान जरीना भी उग्र हो गई और उसने उक्त कर्मचारी पर अपनी भड़ास निकालनी शुरू कर दी। पीडि़ता का कहना था कि उसका सितंबर माह का 7249 रूपए का बिल बिजली कंपनी ने दिया था जिसे जमा करने के बाद भी पुन: अक्टूबर माह का बिल 7 हजार रूपए दे दिया और उसने बिजली कर्मचारी की गलेवान पकड़कर कुर्सी से खींच लिया था। जरीना इतनी उत्तेजित हो गई थी कि उसे देखकर और पीडि़त उपभोक्ता भी उग्र हो गए जिन्होंने बिजली कार्यालय में जमकर अधिकारियों को गालियां देनी शुरू कर दी। हाफिज खान का कहना था कि वह हर माह बिजली बिल जमा कर रहे है और पिछले दस दिन से वह अक्टूबर माह का बिल निकलवाने के लिए चक्कर काट रहा है, लेकिन उसे बिजली कंपनी के अधिकारी बिल नहीं दे रहे हैं।

इस समस्या की मूल जड़ में जाऐं तो विद्युत विभाग ने फीडबैक कंपनी को बिना कोई सोचे समझे कार्य सौंप दिया। उपभोक्ताओं को हर माह यह समझाय जाता है कि अगले माह आपके बिल सही आऐंगें परन्तु 5 माह बाद भी समस्या जस की तस है यह घटना अप्रत्याशित नहीं बल्कि प्रत्याशित है। इस बात का अंदेशा ना केवल विद्युत विभाग के कर्मचारियों को बल्कि फीडबैक कंपनी के कर्मचारियों को भी था। फीडबैक कंपनी पूरी तरह से रीडिंग व बिलिंग के कार्य करने में अक्षम है। यदि इस कंपनी से रीडिंग और बिलिंग का कार्य नहीं हटाया गया तो आगे इससे भी बड़ी उग्र घटनाओं के होने की संभावना है।

इनका कहना है

 यह बात सही है कि विवाद तो हुआ है सितम्बर को हमने यह काम प्रायवेट कंपनी को दिया है इसके बाद अब इस माह से रीडिंग व बिलिंग सही होगी, हमने कंपनी को बोल दिया है।

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