युवक ने शराब पी तो जूते की माला पहनाकर गांव में घुमाया

प्रतिकात्मक चित्र 

शिवपुरी। कोलारस के ग्राम बेरखेड़ी में बुधवार सुबह एक आदिवासी युवक को गांव में जूते की माला पहनाकर घुमाया गया। युवक के साथ सैकड़ों ग्रामीण भी चल रहे थे। ग्रामीण सिमरथ आदिवासी ने बीती रात शराब पी थी और गांव में हंगामा किया था। इसके बाद सुबह पंचायत बुलाई गई, जिसमें सिमरथ को शराबबंदी का नियम तोड़ने के एवज में 11 हजार रुपए का जुर्माना देने का फरमान सुनाया गया।
जब सिमरथ ने असमर्थता जताई तो उसे गांव में जूतों की माला पहनाकर घुमाया गया। हालांकि सिमरथ का कहना है कि वह समाज से जुड़ा व्यक्ति है और उसने शराबबंदी का नियम तोड़ा, इसलिए पंचायत के निर्णय पर उसे कोई आपत्ति नहीं है। इस मामले की शिकायत पुलिस तक नहीं पहुंची है।
40 गांव के लोगों ने किया था निर्णय
बेरखेड़ी गांव में युवक को सरेआम गांव में घुमाए जाने से पहले बदरवास के ग्राम खरैह में दो दिन पहले तीन ग्रामीणों को भी शराबबंदी का नियम तोड़ने के चलते इसी अंदाज में बाल मुड़वाकर जूतों की माला पहनाई थी और गांव में ढोल बजाकर घुमाया गया था। इसके पीछे जो वजह सामने आई है, उसके मुताबिक 13 सितंबर को 40 गांव के लोग ग्राम सुनाज चक्क में जमा हुए थे, जहां पंचायत के बीच शराबबंदी का निर्णय हुआ और नियम तोड़ने वाले पर 11 हजार का जुर्माना तय किया गया था। खरैह में जब तीन लोगों ने नियम तोड़ा तो उन्हें गांव में घुमाया गया, जबकि इसी अंदाज में वेरखेड़ी के सिमरथ को भी गांव में घुमाया गया।
पुलिस को शिकायत का इंतजार
इस मामले में एएसपी कमल मौर्य का कहना है कि ग्रामीण अपनी मर्जी से इस तरह गांव में घुमाए जाने की बात कह रहे हैं। खरैह के मामले में भी वीडियो सामने आया था, जिसमें तीनों ग्रामीणों ने खुद मुंडन कराने और माला पहनकर निकलने की बात कही थी। बुधवार को बेरखेड़ी में भी प्राथमिक जानकारी यही सामने आई है कि सिमरथ ने खुद यह कदम पंचायत के निर्णय के बाद उठाया। यदि इस मामले में कोई शिकायत करेगा तो पुलिस कार्रवाई करेगी।

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