विजय माल्या जैसे भगो़डे़ , आर्थिक अपराधियों पर अंकुश लगाने,सरकार का सख्त कदम



नई दिल्ली- विजय माल्या जैसे भगो़डे़, आर्थिक अपराधियों पर अंकुश लगाने,सरकार का सख्त कदम 
आर्थिक घोटाले कर देश छोड़कर जाने वाले विजय माल्या जैसे भगोड़ों पर लगाम कसने के लिए केंद्र सरकार एक विधेयक लाने की तैयारी में है। केंद्र ने गुरुवार को इस विधेयक का ड्राफ्ट पेश किया। इसमें कर्ज लेकर या आर्थिक घोटाला कर भारतीय अदालतों से बचने के लिए विदेश भागने वाले लोगों पर लगाम कसने के प्रावधान हैं। इस विधेयक के तहत सरकार के पास भगौड़े अपराधी की संपत्ति को जब्त करने का अधिकार होगा। प्रस्तावित विधेयक को ब्रिटेन भागने वाले विजय माल्या जैसे लोगों पर लगाम कसने के उपाय के तौर पर देखा जा रहा है। अपनी डूब चुकी कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस के नाम पर 9,000 करोड़ रुपये का लोन लेकर भागे विजय माल्या के प्रत्यर्पण के लिए सरकार इन दिनों प्रयासरत है।

ऐसे भगोड़े आर्थिक अपराधियों को विशेष अदालत ई--मेल के माध्यम से ही नोटिस भेज सकेगी। 


सरकार एवं आम लोगों के स्तर पर यह महसूस किया जा रहा है कि बड़े आर्थिक घोटाले कर देश से बाहर जाने वाले लोग एक तरह से भारत की कानूनी प्रक्रिया को धता बताते हैं। इससे कानूनी प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। इस स्थिति से बचने और ऐसे अपराधियों के खिलाफ कानूनी और संवैधानिक घेरे को मजबूत करने के लिए ही केंद्र सरकार नया विधेयक लाने की तैयारी में है। केंद्र सरकार की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया कि नए 'भगौडे़ आर्थिक अपराधी विधेयक' से ऐसे अपराधियों पर शिकंजा कसा जा सकेगा।

ऐसे लोगों को भगौड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने और पूरे मामले की सुनवाई के लिए मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट के तहत विशेष अदालतों के गठन का प्रावधान होगा। विधेयक के मुताबिक ऐसे व्यक्ति को 'भगौड़ा आर्थिक अपराधी' करार दिया जाएगा, जिसके खिलाफ अदालत ने अरेस्ट वॉरंट जारी किया हो। वह देश छोड़कर भाग गया हो और कानूनी प्रक्रिया से बचने के लिए आने से इनकार कर रहा हो।

Post a comment

0 Comments