मॉस विक्रेताओ के खिलाफ कड़ी कार्यवाही. कई किलो मॉस जप्त

भोपाल -राजधानी में बिना लायसेंस और खुले में मांस बेचने वाले विक्रेताओं के खिलाफ दूसरे दिन शुक्रवार को भी नगर निगम ने कार्रवाई की। इसमें कोलार क्षेत्र के ललिता नगर, सर्वधर्म कॉलोनी, प्रियंका नगर, महाबली नगर और राजाभोज मुक्त विश्वविद्यालय क्षेत्र में 39 विक्रेताओं पर कार्रवाई की गई। निगम ने इन विक्रेताओं के पास से 35 किलो मांस और 27 हजार 700 रुपए स्पॉट फाइन वसूला है।
इसमें से ज्यादातर विक्रेता ऐसे मिले हैं जिन्होंने रोड किनारे सड़क पर अतिक्रमण कर झुग्गी तानी और उसमें मांस बेचना शुरू कर दिया। कुछ के पास लायसेंस थे लेकिन रिनीव ही नहीं कराए थे कुछ दुकान से 8 से 10 फीट आगे खुले में मांस बेचते मिले हैं। चूनाभट्टी क्षेत्र में विक्रेताओं ने आरोप लगाया कि एक साल पहले वे लायसेंस रिनीव के लिए आवेदन कर चुके हैं लेकिन निगम के अधिकारी लायसेंस ही रिनीव नहीं कर रहे हैं।
बैरागढ़, एयरपोर्ट रोड, गांधी नगर और करोंद क्षेत्र में गुरुवार को कार्रवाई के बाद निगम अधिकारियों की नजर कोलार क्षेत्र में मांस बेचने वालों पर थी क्योंकि पूर्व में कुछ नागरिक खुले में मांस बेचने से फैल रही गंदगी को लेकर आपत्ति दर्ज करा चुके थे। जिसके बाद उपायुक्त हर्षित तिवारी के निर्देशन में सुबह स्वास्थ्य अधिकारी, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी और वेटनरी डॉक्ट समेत अमले की टीम गठित की गई। टीम सबसे पहले कोलार क्षेत्र में ललिता नगर पहुंची और कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई को देख कई विक्रेताओं ने मांस, मुर्गा-मुर्गी और समान दूसरी जगह शिफ्ट कर लिया।
जो विक्रेता मौके पर मिले, अधिकारियों ने उनसे लायसेंस को लेकर पूछताछ की। ललिता नगर में ज्यादातर दुकानदारों के पास लायसेंस थे लेकिन रिनीव नहीं हुए थे कुछ बिना लायसेंस के मांस बेच रहे थे जिनकी दुकानों में रखा मांस जब्त किया गया। साथ ही पिंजरे और तौल-कांटे भी टीम साथ ले गई। इसी तरह सर्वधर्म कॉलोनी, प्रियंका नगर, महाबली नगर और राजाभोज मुक्त विश्वविद्यालय की सीमा दीवार के आसपास मांस बेचने वाले विक्रेताओं पर भी कार्रवाई की गई।
पुराने शहर में चल रही दुकानों पर ध्यान नहीं
नगर निगम के अधिकारी भले ही दो दिन से मांस बेचने वाले विक्रेताओं पर सख्ती दिखा रहे हो, लेकिन पुराने शहरों में कारोबार करने वाले विक्रेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जबकि पुराने शहर में कुछ विक्रेता लायसेंस नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। इतना ही नहीं कई घनी आबादी में खुले में मांस बेच रहे हैं जिससे खतरा बढ़ रहा है।
लायसेंस रिनीव किए नहीं, कार्रवाई करने पहुंच गए
निगम की कार्रवाई के दौरान कई मांस विक्रेताओं ने आरोप लगाए कि उनके पास लायसेंस हैं जिसे रिनीव नहीं किया जा रहा है। अधिकारी चक्कर लगवाते हैं। अब कार्रवाई की जा रही है इससे मांस विक्रेताओं का नुकसान हो रहा है।

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