डिप्टी कलेक्टर बने त्रिलोचन गौड़, बढ़ाया कोलारस का गौरव


एम पी पी एस सी में प्रदेश में प्राप्त किया दूसरा नम्बर
कोलारस के ही  मयंक खेमरिया बने वाणिज्य कर निरीक्षक

कोलारस---विगत दिवस घोषित हुए मध्य प्रदेश राज्य सेवा परीक्षा परिणामों में कोलारस के दो युवाओं ने सफलता प्राप्त की है। जिनमे से एक ने पूरे प्रदेश में द्वित्तीय रैंक हासिल की है तो दूसरे ने वाणिज्य कर निरीक्षक का पद प्राप्त किया है। जानकारी के अनुसार एम पी पी एस सी 2015 के परिणामों में कोलारस के त्रिलोचन पुत्र सूर्य प्रकाश गौड़ ने मध्य प्रदेश ने दूसरा स्थान प्राप्त कर कोलारस नगर और अपने परिवार का गौरव बढ़ाया है। कोलारस के एक समाज सेवी किसान के पुत्र के रूप में जन्मे  त्रिलोचन गौड़ बचपन से ही किताबों को ही अपना दोस्त मानते थे। पूर्व में भी वे कई महत्वपूर्ण पदों पर चयनित हो चुके हैं। एन आई टी इलाहबाद से बी टेक करने के बाद रिलाइंस इंद्रास्ट्रीज में बड़ोदरा में में नॉकरी की परंतु उनके मन मे जान सेवा के भाव ने उन्हें राज्य प्रशासनिक सेवा के लिए प्रेरित किया और नॉकरी छोड़कर स्वाध्याय पर बल दिया और 2012 में नायब तहसीलदार बने।2013 में महिला सशक्तिकरण अधिकारी बने। कठिन परिश्रम और दृण इक्षा शक्ति के चलते सफलता का सिलसिला यही बही थमा। सन 2014 में आये पी एस सी के परिणामों में त्रिलोचन गौड़ डी एस पी चुने गए। और कल घोषित हुए परिणामों में पूरे मध्य प्रदेश में दूसरी रैंक हासिल कर उन्होंने अपने परिवार, नगर,और जिले का नाम रोशन किया है। त्रिलोचन की छोटी बहन शैलजा गौड़ भी सब इंस्पेक्टर हैं। त्रिलोचन ने बताया कि उन्होंने हिंदी माध्यम के सरकारी स्कूल से अपनी पढ़ाई की है। शिवपुरी जिले से किसी के द्वारा पी एस सी में दूसरी रेंक अब तक कि सबसे बड़ी सफलता है इससे पूर्व कोई भी विद्यार्थी इस मुकाम को हासिल नही कर सका है। साथ ही मुख्य परीक्षा में सर्वाधिक अंक भी त्रिलोचन ने ही प्राप्त किये हैं। त्रिलोचन ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता पिता,परिजनों, और भगवान को दिया है। उनके आशीर्वाद से इस मुकाम को प्राप्त करने में उन्हें हिम्मत मिली है। पी एस सी की तैयारी कर रहे लोगों को उन्होंने कहा है कि आप बस अपने लक्ष्य को स्पष्ट रखें। ये तय करें कि हमे जीवन मे क्या करना है। फिर उचित मार्गदर्शन में अध्ययन करें। और हमेशा सकारात्मक सोच के साथ तैयारी करें। क्योंकि जीवन मे नकारात्मक विचारों का आना ही हमें सफलता से दूर कर देता है।
कोलारस के ही मयंक खेमरिया ने भी वाणिज्य कर निरीक्षक के रूप में सफलता प्राप्त की है। मयंक के पिता राधा चरण खेमरिया कोलारस में ही शिक्षक हैं। मयंक पिछली बार एक नम्बर से पीछे रह गए थे और अपने दूसरे प्रयास में ही उन्होंने पी एस सी द्वारा वाणिज्य कर निरीक्षक का पद प्राप्त करने में सफलता प्राप्त की है। मयंक ने अपनी सफलता का श्रेय अपने दादाजी श्री माधुरी शरण खेमरिया, पिता राधा चरण खेमरिया,एवं अपने चाचा ब्रजराज शरण खेमरिया को दिया है। कोलारस नगर में भी इन दोनों की सफलता पर हर्ष की लहर व्याप्त है।

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