अंधेरे कमरे में जिंदा कंकाल बनी मां बेटी, कई बार कराये मेहदीपुर बालाजी के दर्शन

नई दिल्ली -अंधेरे कमरे में जिंदा कंकाल बन चुकी मां बेटी,कई बार कराये मेहदीपुर बालाजी के दर्शन!

शहर के डाबड़ी एरिया में लंबे समय तक मां बेटी को बंधक बनाकर रखने वाले ससुर दोनों को झाड़ फूक के लिए कई बार मेहंदीपुर बालाजी भी ले गए थे। बाद में दोनों को कैद कर घर में ही डाल दिया था। 

पति की आकस्मिक मौत के बाद कलावती के दिमाग पर गहरा प्रभाव पड़ा और वह डिप्रेशन में चली गयी। कलावती अकसर पति की तस्वीर को देखकर उनसे बातें करने लगी। कभी वह रोने लगती थी तो कभी हंसने लगती थी। 


उनकी हड्डियों से शरीर की खाल चिपक चुकी है

इसे देखकर उसके ससुर महावीर मिश्रा ने उनका मानसिक इलाज करने के बजाए तंत्र मंत्र का सहारा लिया। मां की हालत को देखकर बेटी दीपा पर भी गहरा प्रभाव पड़ा और वह भी मानसिक रूप से बीमार हो गयी। 

महावीर एंक्लेव स्थित एक अंधेरे कमरे में जिंदा कंकाल बन चुकी मां बेटी की हालत काफी गंभीर बनी हुई है। बुधवार शाम पुलिस ने मां बेटी को अस्पताल में भर्ती कराया था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि सालों तक बिस्तर पर पड़े होने की वजह से उनकी हड्डियों से शरीर की खाल चिपक चुकी है।
दोनों की कांउसलिंग कराई जा रही है लेकिन दोनों बयान देने की स्थिति में नहीं है। वह काफी डरी सहमी और बदहवास होकर लोगों को टकटकी निगाह से देख रही है। 

पुलिस सूत्रों का कहना है कि अभी तक की जांच में पता चला है कि दो बेटों की मौत के बाद महावीर को लगा कि उसके घर पर किसी ने काला जादू कर दिया है। वह दोनों मां बेटी को कई बार मेहंदीपुरबाला जी के दर्शन कराने ले गये। लेकिन घर में मां बेटी के अकसर चिल्लाने की वजह से महावीर ने दोनों को घर में कैद कर दिया।

इस घटना को लेकर आस पड़ोस में भी कई तरह की चर्चा चल रही है। ïलोगों का कहना है कि पति की मौत के बाद कलावती का जीवन बसर सास ससुर के उपर निर्भर हो चुकी थी। दीपा पिता की मौत के समय आठवीं कक्षा में पढ़ती थी। उसकी भी पढ़ाई छूट गयी। वह मां की देखरेख करने लगी और उसकी भी हालत अपनी मां जैसे ही हो गयी। 


sorce by amarujala

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