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जवान तेज बहादुर यादव -वीडियो वायरल होने के बाद BSF जवान को LoC से पुंछ हेडक्वार्टर भेजा गया, सरकार ने रिपोर्ट मांगी

Tuesday, 10 January 2017

/ by Durgesh Gupta
नई दिल्ली.जम्मू-कश्मीर में तैनात बीएसएफ के जवान ने अपने अफसरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। 29वीं बटालियन के जवान तेज बहादुर यादव ने रविवार को फेसबुक पर एक के बाद एक 4 वीडियाे पोस्ट किए। इसमें उन्होंने खराब खाने की शिकायत करते हुए कहा कि सरहद पर जवान 11 घंटे की ड्यूटी करने के बाद भी भूखे सोने को मजबूर हैं, क्योंकि अधिकारी राशन बेच देते हैं। एक दिन में ही ये वीडियो वायरल हो गए। 65 लाख से ज्यादा बार देखे गए। जवाब में सोमवार शाम बीएसएफ ने ट्वीट कर कहा, "शिकायत की जांच की जा रही है। सीनियर अफसर मौके पर पहुंच चुके हैं।" इस बीच, गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बीएसएफ से रिपोर्ट मांगी है। उधर, तेज बहादुर को एलओसी से पुंछ में उसके 29 बटालियन शिफ्ट कर दिया गया है। रिजिजुने कहा- मामला गंभीर है...
- ये वीडियो सामने आने के बाद, गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजु ने कहा- "बीएसएफ जवान के वीडियो को गंभीरता से लिया गया है। लेकिन मैं जब भी जवानों के बीच बॉर्डर पर गया मुझे हर चीज काफी संतोषजनक लगी है।"
- उधर, तेज बहादुर ने मंगलवार को मीडिया से कहा - "मेरे आरोपों की भी जांच होनी चाहिए। अगर मेरी इस कोशिश से उसके साथियों का भला होता है तो मैं हर बुरी चीज का सामना करने के लिए तैयार हूं।"
- बीएसएफ के डीआईजी एमडीएस मान ने मंगलवार को कहा- "तेज बहादुर पर पहले भी गंभीर आरोप लग चुके हैं।" 20 साल के करियर में उस पर इनटॉक्सीफिकेशन, अपने सीनियर की बात न मानना, मारपीट करना जैसे आरोप हैं।"
- "हमने वीडियो में कही बातों की जांच के आदेश दे दिए हैं।"
इन वीडियो में क्या कहा तेज बहादुर ने...
- पहला वीडियो-"सभी देशवासियों को नमस्कार, गुडमॉर्निंग, सलाम और जय हिंद। देशवासियों, मैं आपसे एक अनुरोध करना चाहता हूं। मैं बीएसएफ 29 बटालियन सीमा सुरक्षा बल का जवान हूं। हम लोग सुबह 6 बजे से शाम को पांच बजे तक कंटीन्यू इस बर्फ के अंदर 11 घंटे तक खड़े होकर ड्यूटी करते हैं।"
- "कितनी भी बर्फ हो, बारिश हो या तूफान हो, हम इन्हीं हालात में ड्यूटी करते हैं। मेरे पीछे का दृश्य शायद आप लोग देख रहे होंगे। फोटो में शायद आपको ये दृश्य अच्छे लग रहे होंगे। लेकिन हमारी जो सिचुएशन है, उसे न कोई मीडिया दिखाता है, न कोई मिनिस्टर सुनता है।"
- "कोई भी सरकार आई हो, हमारे हालात वैसे ही बदतर हैं। मैं इसके बाद आपको तीन वीडियो भेजूंगा, जो आप देश के तमाम मीडिया और नेताओं को दिखाएं।"
अफसरों पर गंभीर आरोप
- जवान आगे कहता है, "हमारे अधिकारी हमारे साथ कितना अन्याय और अत्याचार करते हैं। हम किसी सरकार को कोई दोष नहीं देना चाहते, क्योंकि सरकार हर चीज, हर सामान हमें देती है, लेकिन उच्च अधिकारी सब बेच करके खा जाते हैं और हमें कुछ नहीं मिलता।"
- "ऐसे हालात हैं कि कई बार तो जवान को भूखे पेट भी सोना पड़ता है। मैं सुबह का नाश्ता आपको दिखाऊंगा। एक पराठा मिलता है। इसमें कुछ भी नहीं है। ना अचार है, ना सब्जी है। चाय के साथ पराठा खाना पड़ता है।"
- "दोपहर का खाना मैं आपको दिखाऊंगा। दाल में सिर्फ नमक और हल्दी होती है। उसके सिवाय कुछ नहीं होगा। रोटियों भी दिखाऊंगा। मैं फिर कह रहा हूं कि भारत सरकार सब कुछ देती है, उसकी तरफ से सब कुछ आता है। स्टोर भरे पड़े हैं, लेकिन वो सब कुछ बाजार में चला जाता है। ये कहां जाता है? कौन बिक्री करता है? इसकी जांच होनी चाहिए।"
प्रधानमंत्री से गुजारिश
- ये जवान आगे कहता है, "मैं आदरणीय प्रधानमंत्री जी से भी कहना चाहता हूं कि कृपा कर इसकी जांच कराएं। दोस्तो, ये वीडियो डालने के बाद शायद मैं रहूं या ना रहूं, क्योंकि अधिकारियों के बहुत बड़े हाथ हैं। वो मेरे साथ कुछ भी कर सकते हैं। कुछ भी हो सकता है, आप सोचो। इसलिए इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा फैलाएं और पूरा शेयर करें। मीडिया यहां आकर जांच करे और देखे कि किन हालात में जवान ड्यूटी करते हैं।"
- "मैं बाकी वीडियो आपके पास पेश करूंगा। पूरी डिटेल आपको दिखाऊंगा। जय हिंद।"
वीडियाे 2-3: दाल में हल्दी-नमक के अलावा जीरे का तड़का तक नहीं
- "यह है बीएसएफ की दाल। सिर्फ हल्दी और नमक। न इसमें प्याज है, न लहसुन, न अदरक। तड़का लगाने के लिए जीरा तक नहीं है।"
- "जवानों को 10 दिन से यही दाल-राेटी मिल रही। आप ही बताइये, यह खाकर क्या कोई जवान 10 घंटे ड्यूटी कर सकता है? अधिकारी सारा सामान बाजार में बेच देते हैं।"

वीडियो 4: नाश्ते में न अचार न दही, सिर्फ जला पराठा मिला
- "सुबह के नाश्ते में एक जला हुआ पराठा और चाय का गिलास ही मिला है। इसके साथ न जैम, न जेली और न अचार या दही। कुछ भी नहीं मिलता।"
बीएसएफ ने कहा- तेज बहादुर को शुरू से काउंसिलिंग की जरूरत रही है
- सोमवार की रात बीएसएफ ने बयान जारी कर कहा कि तेज बहादुर को शुरू से काउंसिलिंग की जरूरत रही है। शराबखोरी, अफसरों से खराब व्यवहार और अनुशासन तोड़ना उसकी आदत है। इस कारण ज्यादातर वक्त उसे हेडक्वार्टर में रखा गया।
- 10 दिन पहले ही पोस्ट पर भेजा गया था, यह देखने के लिए कि काउंसिलिंग से क्या सुधार आया। डीआईजी आैर सीओ उनके पास जाते रहे हैं।
- 20 और जवान वहां हैं। पर किसी और को शिकायत नहीं है।

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