शिवपुरी: कलेक्टर की अध्यक्षता में कर्मचारी संगठनों की बड़ी बैठक, पेंशन और अनुकंपा नियुक्ति जैसे मुद्दों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश



शिवपुरी। शासकीय सेवकों के हितों की रक्षा और उनकी जायज समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए शुक्रवार को जिलाधीश कार्यालय के सभाकक्ष में जिला स्तरीय संयुक्त परामर्शदात्री समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ कई प्रमुख मुद्दों पर गंभीरता से मंथन किया गया।

​बैठक में जिला पंचायत के सीईओ श्री विजय राज, संयुक्त कलेक्टर श्री युनुस कुरैशी, डिप्टी कलेक्टर श्री शिवदयाल धाकड़ सहित तमाम विभागों के जिला अधिकारी और कर्मचारी संघों के पदाधिकारी मौजूद रहे।



कर्मचारियों की समस्याओं का समय-सीमा में हो समाधान: कलेक्टर

​बैठक के दौरान कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कर्मचारी संगठनों द्वारा सौंपे गए मांग पत्रों और सुझावों को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने सभी विभागीय प्रमुखों को निर्देशित किया कि वे अपने स्तर पर भी नियमित बैठकें आयोजित करें और तय समय-सीमा के भीतर कर्मचारियों से जुड़े मामलों का निपटारा करें।
​कलेक्टर ने विशेष रूप से अधिकारियों को सर्विस बुक (सेवा पुस्तिका) को अपडेट रखने और पेंशन के लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए।

बैठक में इन प्रमुख मांगों और बिंदुओं पर हुई चर्चा:

  • ​समयमान वेतनमान और क्रमोन्नति: सभी पात्र कर्मचारियों को समय पर क्रमोन्नति और समयमान वेतनमान का लाभ सुनिश्चित किया जाए।
  • ​अनुकंपा नियुक्ति व पेंशन: अनुकंपा नियुक्ति के मामलों का तेजी से निराकरण हो और सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के पेंशन व अन्य देयकों का भुगतान बिना किसी देरी के किया जाए।
  • ​शिक्षा विभाग के मुद्दे: शिक्षकों की योग्यता वृद्धि से जुड़ी लंबित अनुमतियां जल्द जारी की जाएं और संकुल प्राचार्यों द्वारा शिक्षकों की सेवा पुस्तिका का संधारण (रखरखाव) नियमित रूप से कराया जाए।
  • ​बैठक व्यवस्था में सुधार: राजस्व विभाग के लिपिक वर्गीय कर्मचारियों (क्लर्कों) के बैठने की व्यवस्था को और बेहतर और व्यवस्थित किया जाए।

अपील और निर्देश: कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी कार्यालय प्रमुखों को विभागीय परामर्शदात्री समितियों की बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने की हिदायत दी है ताकि कोई भी जायज मुद्दा लंबित न रहे।

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