अस्वच्छता और लापरवाही पर भड़के एससी आयोग अध्यक्ष: दो छात्रावास अधीक्षकों पर गाज, कन्या छात्रावास की व्यवस्थाओं को सराहा
शिवपुरी| मध्य प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. कैलाश जाटव ने सोमवार को शिवपुरी जिले के विभिन्न छात्रावासों का अचानक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी। इस दौरान जहाँ एक ओर बालकों के हॉस्टल में मिली अव्यवस्थाओं पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए गैर-हाजिर अधीक्षकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए, वहीं दूसरी ओर कन्या छात्रावासों की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की दिल खोलकर तारीफ की।
बालकों के हॉस्टल में खामियां मिलने पर सख्त रुख
डॉ. जाटव ने शासकीय अनुसूचित जाति सीनियर बालक छात्रावास (ठकुरपुरा एवं करौंदी) का सूक्ष्म निरीक्षण किया। उन्होंने हॉस्टल के कमरों, रसोइघर, भोजन सामग्री की गुणवत्ता, पेयजल और साफ-सफाई का जायजा लिया।
कमियों पर नाराजगी: निरीक्षण में साफ-सफाई में लापरवाही और रिकॉर्ड (स्टॉक रजिस्टर व अभिभावकों के संपर्क नंबर) अपडेट न मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
अनुशासनात्मक कार्रवाई: निरीक्षण के दौरान बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए हॉस्टल अधीक्षकों के खिलाफ आयोग अध्यक्ष ने मौके पर ही अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश जारी किए।
कन्या छात्रावास की तारीफ, जिले के लिए बताया 'मॉडल'
इसके विपरीत, शासकीय आदिवासी महाविद्यालयीन कन्या नवीन छात्रावास एवं सीनियर कन्या नवीन छात्रावास की व्यवस्थाएं देखकर डॉ. जाटव बेहद प्रसन्न नजर आए। हॉस्टल परिसर के सुंदर गार्डन और स्वच्छता की सराहना करते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के बाकी सभी छात्रावासों में भी इसी तरह की उच्च स्तरीय व्यवस्थाएं लागू की जाएं। साथ ही परिसर से पुराना कबाड़ और कचरा नियमित हटाने की बात कही।
"विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण माहौल देना हमारी प्राथमिकता है। यदि हॉस्टल में किसी भी तरह की परेशानी या असुविधा हो, तो छात्र सीधे अनुसूचित जाति आयोग से संपर्क करें — आपकी समस्या का तुरंत समाधान होगा।"
— डॉ. कैलाश जाटव, अध्यक्ष (अ.जा. आयोग)
छात्रों संग संवाद और मौके पर ही उपलब्ध कराई खेल सामग्री
निरीक्षण के दौरान डॉ. जाटव ने विद्यार्थियों के बीच बैठकर उनसे सीधे बातचीत की और भोजन की गुणवत्ता तथा अन्य जरूरतों के बारे में पूछा। छात्राओं का उत्साह बढ़ाने के लिए उन्होंने तत्काल बैडमिंटन सेट, क्रिकेट किट, कैरम बोर्ड और बोरिक पाउडर जैसी खेल सामग्रियां मंगवाकर मौके पर ही भेंट कीं।
उन्होंने छात्रों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनकी पढ़ाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए हर संभव मदद उपलब्ध कराने हेतु पूरी तरह संकल्पबद्ध है।

