शिवपुरी। राष्ट्रीय व राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश श्री राजेन्द्र प्रसाद सोनी के मार्गदर्शन में शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस के मौके पर मंगलम शिवपुरी में एक वृहद विधिक साक्षरता शिविर संपन्न हुआ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और सामाजिक न्याय विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राधिकरण की सचिव श्रीमती रंजना चतुर्वेदी ने की।
शिविर का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों, कर्तव्यों के प्रति सचेत करना और अंतिम छोर के व्यक्ति तक सुलभ न्याय पहुँचाना रहा।
'न्याय हर नागरिक का बुनियादी अधिकार'
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती रंजना चतुर्वेदी ने कहा कि समाज में समरसता, समानता और कानून का राज स्थापित करने के लिए न्याय व्यवस्था बेहद जरूरी है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि कोई भी व्यक्ति धन के अभाव में न्याय से वंचित न रहे, इसके लिए शासन द्वारा निःशुल्क विधिक सहायता की व्यवस्था की गई है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी कानूनी उलझन में घबराने के बजाय इस सेवा का लाभ उठाएं।
शिविर की मुख्य बातें और दी गई जानकारियाँ
हेल्पलाइन नंबर 15100: कार्यक्रम में नालसा (NALSA) की राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन 15100 के बारे में विस्तार से बताया गया, जिस पर कॉल करके कोई भी व्यक्ति मदद ले सकता है।
इन्हें मिलेगी मुफ्त कानूनी मदद: आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, महिलाएँ, बच्चे, बुजुर्ग (वरिष्ठ नागरिक) और दिव्यांगजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से पूरी तरह निःशुल्क विधिक सहायता पाने के पात्र हैं।
विशेषज्ञों का मार्गदर्शन: लीगल एड डिफेंस काउंसिल के डिप्टी चीफ श्री मनीष कुमार जैन, असिस्टेंट श्री नुपुर राठौर और श्री राधावल्लभ शर्मा ने डिफेंस काउंसिल योजना, भरण-पोषण अधिनियम और रोजमर्रा के जीवन में काम आने वाले जरूरी कानूनों की जानकारी दी।
शंकाओं का समाधान: कार्यक्रम के अंत में विधिक विशेषज्ञों ने शिविर में मौजूद आम जनता के कानूनी सवालों और जिज्ञासाओं के सीधे जवाब दिए तथा उन्हें जरूरत पड़ने पर बिना किसी संकोच के विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क करने के लिए प्रोत्साहित किया।

