शिवपुरी (मध्य प्रदेश)। सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था सुधारने और पठन-पाठन पर सख्त रुख अपनाते हुए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा के निर्देशों के पालन में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) श्री आकाश सिंह यादव ने कार्य में घोर लापरवाही बरतने वाले दो प्राथमिक शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
औचक निरीक्षण में सामने आईं ये बड़ी खामियां
जिला परियोजना समन्वयक (DPC) श्री दफेदार सिंह सिकरवार द्वारा विकासखंड शिवपुरी के शासकीय प्राथमिक विद्यालय जमौनिया और विकासखंड पोहरी के शासकीय प्राथमिक विद्यालय अलापुरा का औचक निरीक्षण किया गया था। जांच के दौरान दोनों स्कूलों में गंभीर लापरवाही पाई गई:
- नामांकन और प्रोग्रेशन शून्य: कक्षा-1 में नए बच्चों का दाखिला नहीं हुआ था और यू-डाईस (U-DISE) प्रोग्रेशन शून्य पाया गया।
- अपार आईडी (APAAR ID) में ढिलाई: शासन की प्राथमिकता वाली अपार आईडी बनाने का काम बेहद पिछड़ा हुआ मिला।
- अव्यवस्था और गंदगी: दोनों विद्यालयों में साफ-सफाई का अभाव था, यहाँ तक कि जमौनिया स्कूल की खिड़की भी टूटी हुई मिली।
इन दो शिक्षकों पर गिरी गाज, मुख्यालय तय
लापरवाही साबित होने पर मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है:
- श्री रवि कुमार चौधरी (प्राथमिक शिक्षक, शासकीय प्राथमिक विद्यालय जमौनिया): शासकीय कार्यों में अरुचि और पूर्व में जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब न देने पर निलंबित। नया मुख्यालय: विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय, कोलारस।
- श्री सुरेश मांझी (प्राथमिक शिक्षक, शासकीय प्राथमिक विद्यालय अलापुरा): पदीय दायित्वों में लापरवाही बरतने पर तत्काल निलंबित। नया मुख्यालय: विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय, बदरवास।
कड़ा संदेश: जिला शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि शासकीय प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के प्रवेश, पोर्टल डेटा एंट्री और व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
