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| Shivpuri Illegal Mining Action Medical College Tractor Seized |
शिवपुरी। जिले में प्राकृतिक संसाधनों की अवैध कालाबाजारी और शासकीय जमीनों पर अवैध खुदाई करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री अर्पित वर्मा के कड़े आदेशों के बाद एक्शन मोड में आई जिला स्तरीय 'टास्क फोर्स' की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को शहर में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।
खनिज विभाग की टीम ने मेडिकल कॉलेज के पीछे अचानक दबिश देकर अवैध रूप से मुरम और पत्थर ढो रहे दो आयशर ट्रैक्टर-ट्रॉली को रंगे हाथों पकड़ा और उन्हें सीज कर दिया।
मौके पर नहीं मिले कागजात, यातायात थाने में खड़े कराए वाहन
खनिज विभाग को पिछले कई दिनों से मेडिकल कॉलेज के पीछे सरकारी जमीन पर अवैध उत्खनन की शिकायतें मिल रही थीं। सूचना की पुष्टि होते ही टीम ने औचक निरीक्षण किया।
कार्रवाई के दौरान पकड़े गए दोनों ट्रैक्टर चालकों से जब खनिज परिवहन का वैध पास या दस्तावेज मांगा गया, तो वे कोई भी वैध कागजात पेश नहीं कर सके। इसके बाद टीम ने तुरंत दोनों वाहनों को जब्त कर यातायात पुलिस थाने की कस्टडी में खड़ा करवा दिया।
'मध्यप्रदेश खनिज नियम 2022' के तहत दर्ज हुआ केस
खनिज अधिकारियों के अनुसार, यह मामला मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम, 2022 के तहत दर्ज किया गया है। भारी जुर्माने का प्रस्ताव तैयार कर फाइल आगे की न्यायिक प्रक्रिया के लिए कलेक्टर कोर्ट भेज दी गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि शासकीय जमीनों पर बुलडोजर या ट्रैक्टर चलाकर खनिज संपदा चुराने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
अब तक ₹11.44 लाख से अधिक का राजस्व जुर्माना वसूल
जिले में चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत खनिज माफियाओं से अब तक भारी-भरकम पेनल्टी वसूली गई है:- अवैध परिवहन: 5 डंपर जब्त कर ₹2,16,877 की पेनाल्टी लगाई गई।
- अवैध उत्खनन: 14 ट्रैक्टर-ट्रॉली और 1 पोकलेन मशीन पर ₹16,80,000 का भारी अर्थदंड लगाया गया।
- राजस्व वसूली: कुल अधिरोपित जुर्माने में से ₹11,44,040 की राशि सरकारी खजाने में जमा कराई जा चुकी है, जबकि बाकी रकम की वसूली की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
कलेक्टर के सख्त निर्देश: संवेदनशील इलाकों में रहे पैनी नज़र
कलेक्टर अर्पित वर्मा ने पुलिस, राजस्व, वन और परिवहन विभाग की साझा टीम को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अवैध खनन के संभावित और संवेदनशील इलाकों में चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि शासकीय संपदा का दोहन करने वाले किसी भी भू-माफिया को बख्शा नहीं जाएगा और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
