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| SHIVPURI ODOP EXPORT WORKSHOP |
शिवपुरी| जिले में निर्यात संवर्धन, कृषि एवं हस्तशिल्प आधारित उत्पादों को बढ़ावा देने तथा किसानों एवं स्थानीय उत्पाद निर्माताओं को संस्थागत सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से आज कलेक्टर सभागार, शिवपुरी में एक जिला स्तरीय ओडीओपी एवं निर्यात संवर्धन राउंड टेबल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) द्वारा किया गया। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी द्वारा की गई।
कार्यक्रम में एमपीआईडीसी की कार्यपालक निदेशक अनीसा श्रीवास्तव, कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के प्रतिनिधि, वालेंसिया अपेरल्स ग्रुप, जी-इनक्यूब (स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर), भारतीय डाक विभाग (डाक घर निर्यात केंद्र) तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय उत्पादक, उद्यमी एवं अन्य हितधारक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिवपुरी जिले की निर्यात क्षमता को सुदृढ़ करना, कृषि एवं ओडीओपी आधारित उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना तथा किसानों, एफपीओएस एवं स्थानीय उद्यमियों को हैंडहोल्डिंग सपोर्ट उपलब्ध कराना रहा।
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी द्वारा जिले की निर्यात संभावनाओं एवं विकास प्राथमिकताओं पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने कहा कि शिवपुरी जिला टमाटर एवं प्याज उत्पादन का एक प्रमुख केंद्र है और इन उत्पादों के निर्यात से जिले की आर्थिक प्रगति को नई गति मिल सकती है। कलेक्टर श्री चौधरी यह भी रेखांकित किया कि जिले में पर्याप्त संभावनाएं मौजूद हैं, आवश्यकता केवल उन्हें सही दिशा एवं रणनीतिक मार्गदर्शन देने की है।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में एपीडा के प्रतिनिधि द्वारा निर्यात पंजीकरण एवं आवेदन प्रक्रिया, निर्यात के लिए उपयुक्त टमाटर की किस्में, गुणवत्ता मानक, प्रमाणन प्रक्रियाएं, कीटनाशकों के सीमित उपयोग से विदेशी बाजारों तक पहुंच, निर्यात शुल्क में रियायतें तथा किसानों एवं एफपीओएस को प्रदान की जाने वाली मार्केट लिंकेज एवं हैंड होल्डिंग सपोर्ट सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
इसके पश्चात वालेंसिया अपेरल्स ग्रुप के प्रतिनिधि द्वारा बदरवास क्षेत्र में निर्मित जैकेट के निर्यात को बढ़ावा देने हेतु एक पायलट प्रोजेक्ट प्रारंभ करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया जिसमें जिला प्रशासन के सहयोग से खरीदारों से जुड़ाव सुनिश्चित करने की योजना रखी गई।
स्टार्टअप एवं नवाचार सत्र के दौरान जी-इनक्यूब (स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर) द्वारा स्टार्टअप्स को फंडिंग, मेंटरशिप, अनुदान, निवेशक नेटवर्क तथा उत्पाद-बाजार अनुकूलन से संबंधित अवसरों की जानकारी दी गई, जिससे जिले में उद्यमिता एवं नवाचार को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।
वहीं भारतीय डाक शिवपुरी के प्रतिनिधि ने डाक घर निर्यात केंद्र के माध्यम से छोटे निर्यातकों को उपलब्ध कराई जा रही लॉजिस्टिक्स सुविधाएं, डिजिटल पार्सल ट्रैकिंग सिस्टम, ई-कॉमर्स सपोर्ट एवं अंतरराष्ट्रीय शिपिंग सेवाओं पर प्रकाश डाला, जिससे सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों के लिए निर्यात प्रक्रिया अधिक सुलभ हो सकेगी।
कार्यक्रम के समापन सत्र में कलेक्टर श्री चौधरी ने कहा कि जिले में निर्यात एवं औद्योगिक विकास की व्यापक संभावनाएं हैं, किंतु इन्हें मूर्त रूप देने के लिए निरंतर समन्वय, नियमित समीक्षा एवं संस्थागत सहयोग आवश्यक है। उन्होंने एमपीआईडीसी एवं अन्य संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि किसानों, एफपीओएस तथा बदरवास क्षेत्र के जैकेट निर्माताओं को नियमित तकनीकी मार्गदर्शन एवं हैंडहोल्डिंग सपोर्ट प्रदान करने हेतु समय-समय पर समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएं।
