शिवपुरी। शिवपुरी शहर के लिए ₹1096 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत मड़ीखेड़ा पेयजल योजना इन दिनों सवालों के घेरे में है। योजना की मुख्य जलापूर्ति लाइन पिछले 10 दिनों से खराब पड़ी हुई है, जिसके कारण शहर के कई वार्डों में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह बाधित है।
इतनी बड़ी राशि की स्वीकृति के बाद भी यदि नागरिकों को समय पर पानी न मिल पाए, तो यह योजना की कार्यप्रणाली और रखरखाव पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। जल संकट के चलते आमजन को मजबूरी में निजी टैंकरों से महंगे दामों पर पानी खरीदना पड़ रहा है।
शहरवासियों का कहना है कि जब तक मड़ीखेड़ा जल योजना की लाइन दुरुस्त नहीं होती, तब तक नगर पालिका का यह कर्तव्य बनता है कि वह सरकारी टैंकरों के माध्यम से प्रत्येक वार्ड में नियमित रूप से पानी उपलब्ध कराए।
जनता ने संबंधित विभाग और नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि जल संकट का तत्काल समाधान किया जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए ठोस व्यवस्था की जाए।
