फिरौती वाला वायरस अटैक.,wannacry. भूलकर भी न करे ईमेल पर अनजान लिंक क्लिक

सावधान- कभी भूलकर भी ईमेल पर अनजान लिंक क्लिक न करे। हो सकता है। धोखा, चुराया जा सकता है आपका डाटा


दिल्ली- कही आप भी तो नही हो गए सायबर अटैक के शिकार। तो सावधान हो जाइये। देश की साइबर सुरक्षा एजेंसी ने कहा कि अब तक भारतीय कम्प्यूटर नेटवर्क पर रैनसमवेयर साइबर हमले WannaCry की अब तक कोई औपचारिक रिपोर्ट नहीं मिली है. बताते चलें कि दुनिया के कई देश इस हमले की चपेट में आ गए हैं. दुनिया भर में हो रहे हमले के बाद भारत में एहतियात के तौर पर सोमवार से कई एटीएम बंद कर दिए गए हैं.

कम्युटर का डाटा हैक करने के बाद मांगता है फिरौती की रकम ,3 दिन में फ़िरौती की रकम नही दी तो हो जाती है  डबल यानि 30 बिटकॉइन


WannaCry कम्प्यूटर को बुरी तरह से प्रभावित करता है और उस पर फाइलों तक पहुंचने के रास्ते को लॉक कर देता है. साइबर अपराधियों ने इसे खोलने (अनलॉक करने) के लिए 300 डॉलर की कीमत की बिटक्वाइन (क्रिप्टो करेंसी) की मांग की है. हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि मांग की रकम अदा करने पर पहुंच बहाल हो जाती है या नहीं.

इस मामले में सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद का कहना है कि इस हमले का भारत पर कोई विशेष असर नहीं पड़ा. उन्होंने कहा कि ये आइसोलेटेड घटनाएं हैं6, इसकी पूरी मॉनिटरिंग की जा रही है.

हाई अलर्ट पर भारत

हमले की आशंका से भारत हाई अलर्ट पर है. बैंकिंग, दूरसंचार, बिजली और विमानन जैसे क्षेत्रों में कम्प्यूटर नेटवर्कों की निगरानी की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कम्प्यूटर इस हमले से बचे रहें. WannaCry ने पिछले शुक्रवार को 150 से अधिक देशों को अपना शिकार बनाया है.

भारतीय कम्प्यूटर आपात प्रतिक्रिया टीम (सीईआरटी-इन) के महानिदेशक संजय बहल ने बताया कि अब तक, हर चीज सामान्य दिख रही है. सीईआरटी-इन के पास हमले की कोई रिपोर्ट नहीं आई है. हम माइक्रोसॉफ्ट और अन्य के संपर्क में हैं. यहां तक कि उन्हें कोई रिपोर्ट नहीं मिली है. उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा के बारे में सूचना पर सरकार के पोर्टल (साइबर स्वच्छता केंद्र) को शनिवार से नियमित आधार पर अपडेट किया जा रहा है.

इतिहास का सबसे बड़ा हमला
WannaCry ने रूस और ब्रिटेन सहित 150 से अधिक देशों में कम्प्यूटर नेटवर्कों को प्रभावित किया है. इसे इतिहास के सबसे बड़े साइबर हमले के रूप में देखा जा रहा है. रिपोर्टों के मुताबिक इस वायरस से वैश्विक स्तर पर 10 लाख से अधिक कम्प्यूटर सिस्टम प्रभावित हुए हैं. सुरक्षा समाधान मुहैया करने वालों ने इस संकट से उबरने के लिए औजार विकसित करना शुरू कर दिया है.

भारत हो सकता है सबसे अधिक प्रभावित
वैश्विक सुरक्षा रिपोर्टों के मुताबिक भारत में हमला होने की स्थिति में यह सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में से एक हो सकता है. सार्वजनिक और निजी एंजेंसियां किसी संभावित हमले से अपने कम्प्यूटर को बचाने को लेकर सुरक्षा कवच (फायरवाल) तैयार करने के लिए दिन रात काम कर रही हैं. बताते चलें कि देश में अभी भी कई काफी संख्या में कम्प्यूटर एक्सपी पर काम कर रहे हैं. एक्सपी माइक्रोसॉफ्ट का आउटडेटेड ऑपरेटिंग सिस्टम है. ऐसे में भारत पर इसका खतरा काफी अधिक है.

भारत में आंध्र प्रदेश पुलिस के कुछ सिस्टम शनिवार को प्रभावित होने की रिपोर्ट मिली थी, हालांकि सीईआरटी- इन ने कहा कि ये कम्प्यूटर अलग-थलग थे और नेटवर्क पर नहीं थे. सीईआरटी ने कहा कि इसने शनिवार को ही भारतीय रिजर्व बैंक को एक परामर्श भेजा था.

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