दीनदयाल रसोई - , प्रतिदिन 3 दानदाता के हिसाब से 34 दिन में 101 लोगो ने दी सवा तीन लाख की राशि

पांच रूपए में भोजन! आर्थिक सहयोग देकर शिवपुरीवासी पेश कर रहे हैं अनुकरणीय मिसाल


-34 दिन में 101 लोगों ने सवा तीन लाख रूपए की राशि दान की, प्रतिदिन तीन लोगों ने दिया दान


शिवपुरी। पांच रूपए में भोजन कराने की सरकारी योजना में शिवपुरी वासियों ने दरियादिली का परिचय देते हुए दीनदयाल अंत्योदय भोजनालय के संचालन  में अहम भूमिका का निर्वहन किया है। पुराने बस स्टेण्ड पर स्थित दीनदयाल अंत्योदय भोजनालय में महज पांच रूपए में जरूरतमंदों को पौष्टिक शुद्ध और सात्विक भोजन परोसा जा रहा है। जहां तक सरकारी योगदान का सवाल है तो  इस योजना के तहत गेंहू और चावल अवश्य एक रूपए किलो उपलब्ध हो रहे हैं लेकिन अन्य सभी खर्चे एवं भोजन बनाने का व्यय जन सहयोग से निकल रहा है। शिवपुरी वासियों ने अपनी दरियादिली का परिचय देते हुए महज 34 दिन में इस भोजनालय के संचालन हेतु सवा तीन लाख रूपए की राशि स्वेच्छा और बिना किसी प्रेरणा के दान दी। सामाजिक चेतना के धनी शिवपुरी के नागरिकों की सेवा भावना का ही प्रमाण कि हर दिन दीनदयाल भोजनालय में दान देने के लिए तीन दानवीर आ रहे हैं। 34 दिनों में 12 दिन भोजन का व्यय तो क्षेत्रीय विधायक और प्रदेश सरकार की मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया औैर तरूण सत्ता के प्रधान संपादक डॉ. रामकुमार शिवहरे सहित 12 दानदाताओं ने स्वयं वहन किया। इनमें कत्थामिल के संचालक दीवान सुरिन्दर लाल-अरविन्द लाल, पूर्व नपाध्यक्ष स्व. सांवलदास गुप्ता के सुपुत्र राधेश्याम गुप्ता, काम खेड़ा ट्रस्ट, बाबा तेगसिंह, पार्षद चंदू बंसल, डॉ. अमित गुप्ता, नर्ईम भार्ई (फाईब ब्रदर्श ज्वेलर्स) आर्र्टऑफ लिविंग, विनोद कुमार सोनी आदि शामिल हैं।

प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की थी कि प्रदेश के हर जिले में पांच रूपए में भोजन कराने के लिए दीनदयाल अंत्योदय भोजनालय जन सहयोग से संचालित किए जायेंगे। शिवपुरी में दीनदयाल भोजनालय संचालित करने का जिम्मा कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया और कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव ने समाजसेवी संस्था मंगलम को सौंपा। 6 अप्रैल को पूरे प्रदेश की तरह शिवपुरी में योजना का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने अपने कर कमलों से किया। शिवपुरी में दीनदयाल अंत्योदय भोजनालय की व्यवस्था काफी अनूठी रही। भोजनालय में कम से कम दस स्वयंसेवक समाजसेवा की भावना से प्रतिदिन सेवा कर रहे हैं और भोजन के साथ-साथ प्रेम भी जरूरतमंदों को परोस रहे हैं। यहां की सफाई व्यवस्था भी देखने लायक है। दीनदयाल अंत्योदय भोजनालय में सात अप्रैल से 10 मई तक 34 दिन में कूपनों के माध्यम से 52280 रूपए की आय हुई। जबकि 101 लोगों ने 2 लाख 70 हजार रूपए की राशि दान दी। जिससे 34 दिन में दीनदयाल भोजनालय को लगभग सवा तीन लाख रूपए की आय हुई। इन 34 दिनों में 12616 लोगों ने भोजन ग्रहण किया। अर्र्थात प्रतिदिन भोजन ग्रहण करने वालों की संख्या 371 रही। खास बात यह है कि दीनदयाल अंत्योदय भोजनालय में निरंतर रसोर्ई का संचालन जारी है और एक भी दिन भोजन व्यवस्था बंद नहीं हुई है। अभी तक 31 लोग ऐसे भी सामने आए हैं जिन्होंने हर महिने एक हजार रूपए की राशि इस रसोर्ई में देने की सहमति दी है और मासिक दानदाताओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मंगलम के उपाध्यक्ष अशोक कोचेटा और संचालक अजय खैमरिया के अनुसार हमारा लक्ष्य 125 ऐसे दानदाताओं को जोडऩे का है जो प्रतिमाह एक हजार रूपए या अधिक की राशि मंगलम को दें। जिससे भविष्य में रसोर्ई के संचालन में कोर्ई परेशानी न हो। भोजनालय में सामान्य भोजन में प्रतिदिन संस्था को लगभग 6500 रूपए की राशि व्यय करना पड़ रही है जबकि सरकार से मदद के रूप में एक रूपए किलो गेंहू और चावल प्राप्त होते हैं जो बिनाई और पिसाई के बाद लगभग 6 रूपए किलो संस्था को पड़ते हैं। शेष समस्त व्यय मंगलम समाज के सहयोग से बहन कर रहा है।


7 कर्मचारी और दस स्वयंसेवक कर रहे हैं सहयोग
दीनदयाल अंत्योदय भोजनालय के संचालन में मंगलम संस्था के सात कर्र्मचारी संलग्न किए गए हैं इनके अलावा करीब दस स्वयं सेवक भी समाजसेवा की भावना से बिना किसी प्रतिफल के रसोई संचालन में अपना पूरा समय और सहयोग दे रहे हैं। संस्था ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी एक अभियान चलाया जिसके जरिये आम लोग इस रसोर्ई से जुड़ रहे हैं।
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दीनदयाल रसोर्ई में अपनी खुशियों को सांझा कर रहे हैं लोग
दीनदयाल रसोई खुशियों को बांटने का भी एक माध्यम बना है। इस भोजनालय में अनेक लोग ऐसे आयें हैं जिन्होंने अपने जन्म दिवस के अवसर पर जरूरतमंदों को यहां भोजन कराकर अपनी खुशी में उन्हें भी शामिल किया। इनमें समाजसेवी डॉ. रामकुमार शिवहरे, कत्थामिल दीवानसुरिन्दर लाल, डॉ. अमित गुप्ता आदि शामिल हैं। जबकि स्व. सांवलदास गुप्ता के परिवारजनों ने उनकी पुण्यतिथि पर यहां जरूरतमंदों को भोजन कराकर अपने पिता को श्रद्धासुमन अर्पित किए। विनोद कुमार सोनी ने अपने गृह प्रवेश के अवसर पर यहां जरूरतमंदों को भोजन कराकर उनकी शुभकामनायें बटोरी जबकि हनुमान जयंती पर राजस्थान के कामाख्या ट्रस्ट ने जरूरतमंदों को भोजन कराया।  खास बात यह है कि इस भोजनालय में धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर सभी धर्म के लोग सहयोग कर रहे हैं। मुस्लिम नर्ईम भाई ने सबसे पहले दीनदयाल अंत्योदय भोजनालय में दस हजार रूपए की राशि दी और प्रतिमाह 1100 रूपए देने में सहमती व्यक्त की।
ये हैं दीनदयाल रसोर्ई के मासिक दान दाता
दीनदयाल रसोर्ई में एक हजार रूपए या इससे अधिक की राशि का प्रतिमाह सहयोग देने वालों में समाजसेवी अमन गोयल, नर्ईम भार्ई, पवन कुमार जैन, रामजी व्यास, अशोक अग्रवाल, रामस्वरूप रिझारी, तेजमल सांखला, विवेक श्रीवास्तव, सुशील रघुवंशी, डॉ. दिलीप जैन, धनपाल सिंह यादव, हरिओम राठौर, भरत अग्रवाल, वंश उप्पल, विमल जैन मामा, श्रीमती उर्मिला गोयल, विपिन खैमरिया, लोकपाल सिंह लोधी, मुकेश खटीक, हेमंत ओझा, प्रदीप सांखला, दिलीप कुमार गुप्ता, अमित गुप्ता, आर्ट ऑफ लिविंग, सेठ टोडरमल सुफारसमल ट्रस्ट शिवपुरी आदि शामिल हैं।

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