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2 साल से खफा रहे थे नकली नोट, पहले करते थे आईसीआईसीआई बैंक में झाड़ू,पौंछा

Thursday, 4 May 2017

/ by Durgesh Gupta
- कोलारस पुलिस की बडी कार्यवाही-

2 साल में चार लाख के नकली नोट बाजारों में खपा चुके थे आरोपी
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सलीम छापता था, केतन कमीशन पर चलाता था नोट
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कोलारस। पुलिस अधीक्षक सुनील कुंमार पाण्डेय एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक
कमल मौर्य द्वारा चलाए जा रहे सर्च अभियान के तहत अनुविभागीय अधिकारी
पुलिस सुजीत भदौरिया को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कोलारस के बाजार में

एक लड़का नकली नोटों को चलाने के लिए दुकान वाई दुकान सौदा कर रहा है,
इसी सूचना पर कोलारस टीआई अवनीत शर्मा मौके पर पहुंचे तो आरोपी ने भागने
का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने पीछा कर गिरफ्तार कर थाने पर लाई। पुछताछ
में आरोपी ने अपना
नाम केतन राठौर पुत्र रवि निवासी ईशागढ़ बताया, उसके
कब्जे से 11250 के नकली नोट मिले, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि शिवपुरी
निवासी सलीम नकली नोट तैयार करता है और 40 प्रतिशत कमीशन पर मैं बाजार
में चलाता हूं। दोनों की दोस्ती तीन वर्ष पूरानी है और अब तक दोनों चार
लाख से अधिक नकली नोट बाजारों में चला चुके थे।
कोलारस एसडीओपी सुजीत सिंह को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एसबीआई बैंक के
सामने मार्केट में एक लड़का दुकानों पर नकली रूपए चला रहा है। भदौरिया
द्वारा बताए जाने पर कोलारस टीआई अवनीत शर्मा और उनकी टीम 03 मई को मौके
पर पहुंची तो केतन राठौर पुत्र रवि निवासी ईशागढ़ को रंगों हाथ दबोचकर
उसके पास से 11250 के 100 एवं 50 के नकली नोट जब्त किए थे। आरोपी द्वारा
शिवपुरी में नोट छापने का ठिकाना बताए जाने पर कोलारस एसडीओपी सुजीत
भदौरिया एवं टीआई अवनीत शर्मा दलबल के साथ शिवपुरी पहुंचे और कोतवाली
टीआई संजय मिश्रा, स्कायड प्रभारी अरूण वर्मा को लेकर फिजीकल क्षेत्र में
सलीम खान पुत्र हाफिज के मकान पर दविश दी तब नोट छापने के काम में आने
वाले तीन प्रिंटर, स्याही, कागज पर बनाए जाने वाले नकली नोटों का जखीरा
बरामद करने में सफलता मिली। दोनों आरोपी दो वर्ष पहले शिवपुरी के आईसीआई
बैंक में एक साथ नौकरी करते थे, सलीम गार्ड के पद पर था और केतन झाडू,
पोंछा लगाता था, वहीं से दोनों की मित्रता हुई और दोनों ने मिलकर नकली
नोट छापने की योजना बनाई। सलीम भोपाल से आधुनिक प्रिंटर, स्याही, कागज
खरीदकर लाकर नोट छापता था और केतन छोटे कस्वों, गांवों व हाट बाजारों में
कमीशन पर चलाता था। दोनों आरोपी दो साल में लगभग 4 से 5 लाख नकली नोट चला
चुके थे। नकली नोटों के काले कारोबार का पर्दाफास करने में एसडीओपी सुजीत
सिंह भदौरिया, टीआई अवनीत शर्मा, शिवपुरी कोतवाली के संजय मिश्रा, एसआई
केपी शर्मा, कादर खान, एएसआई सुरेश शर्मा, ब्रजेश दुवे, उदय सिंह तोमर,
मुकेश चंदेल, मानवेन्द्र्र, भुवनेश, नरेश दुवे, बलराम, विक्रम सिंह,
कोतवाली शिवपुरी के टीआई संजय मिश्रा, स्कावायट प्रभारी अरूण वर्मा की
महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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