(एक आस मदद की.....) आओ..! मिलकर बचा ले उन "मासूमो" के सर पर उनकी "माँ" की छत्र-छाया.....

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-लावारिस शहर-21-
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(एक आस मदद की.....)

आओ..! मिलकर बचा ले उन "मासूमो" के सर पर उनकी "माँ" की छत्र-छाया......


👉🏽(एक "माँ-बहन" के लिये "जीवनदान यज्ञ)
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आज न व्यंग, न व्यथा,
न किस्सा न कहानी...,
न ही कोई लावारिस शहर की परेशानी....!
बस,दर्द - करुणा में लिपटी.....
"दो मासूमो" के सर से......
धीरे-धीरे ,तिल-तिलकर टूटकर-छूटकर दूर होती जा रही.......
एक "माँ "की कहानी...
एक "माँ" की कहानी..!
"मासूमो"की जुबानी....!
मेरी माँ को बचा लो...!
मेरी माँ को बचा लो....!!
मेरी$$$माँ$$$$को बचा लो न न न$$$
प्लीज़...$..…$$$$$!

12 वर्षीय "राही"और
6 वर्षीय "यश भार्गव"
की माँ "रानी भार्गव"(शिवपुरी)
की दोनों किडनिया कुछ समय पहले खराब हो गयी.......!
उपचार का दौर अनवरत जारी है.…...
पिछले तीन माह से अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में भर्ती हे...!
किडनी प्रत्यारोपित होने तक हर दूसरे दिन "डायलसिस" की पीड़ादायक, कठिन प्रक्रिया ,शरीर की पीड़ा उसे जीने नही दे रही, और.....
बच्चो का मासूम चेहरा उसे मरने नही दे रहा....!
विश्वास, होसलो,आस्था और मासूमो की सरपरस्ती का जज़्बा थामे एक "माँ"जीवन जीने की लड़ाई जारी रखे हैं......!

पिता ओ.पी भार्गव अपने पेशे बकालात में प्रयास पूरी तरह से प्रारम्भ भी नही कर पाए थे कि परिवार के उस मुकद्दमे में उलझ गए,जिसमे
सबूत भी है......
गवाह भी हे...
सर्वमान्य अप्रत्यक्ष न्यायधीश(ईश्वर)
भी हे......,
यदि नही है तो बस..,
समयावधि,कोर्ट फीस और फैसले की तारीख.......?

दास्तान इसी
"भार्गव परिवार 'की है, जिस पर मुसीबतों का पहाड़ टूट चुका है ...।
दोनों मासूम माता-पिता के झूठे आश्वासनों से हर रोज राह तकते हे,अपनी माँ के जल्द स्वस्थ होकर घर लौट आने के.......!
वे नही जानते किडनी डोनेट करने के न जाने कितने प्रयास पिता कर चूका है....!
किसी 'अपने 'की मिली नही,और कोई'अपना' मिलने के बाद भी देने को तैयार नही हुआ....!
हा..., उसने खुद की किडनी देने का भी भरसक प्रयत्न किया,जांच कराई,लेकिन.....?
उफ़....?
विधाता न जाने कोन सी परीक्षा ले रहा था,जो जांच में यह बात भी सामने आ गयी कि जन्म से ही पिता के शरीर में सिर्फ 'एक' ही किडनी हे.......????
सिर्फ एक ही.....??
जो नही दी जा सकती..!
उफ़.....?
निरंतर,एक साल के महंगे इलाज़ ने आर्थिक रूप से परिवार की कमर भी तोड़ दी है....!
"रोकड़ा" बचा नही और "भाग्य के हवाले छोड़ा नही जा सकता.....!
असमंजस...!
कशमकश....!

दोनों मासूम,बार-बार कह रहे हे,कि...
हे,ईश्वर......
सिर्फ एक बार
"आपके-हमारे"रूप में
सिर्फ एक बार हमारी मदद कर दो न.......!
लोटा दो न हमारी "माँ" को सकुशल,हमारे पास.....
हम नही मांगेंगे,कभी कुछ भी.....
सब कुछ ले लो हमारा...,
खिलौने भी,कपडे भी,
और भी सब कुछ...?
बस, दे दो न, हमे हमारी "माँ"......!
दे दो न प्लीज़.......!!
माँ....!हमारी माँ....!
हमारी प्यारी माँ.....!!
प्लीज......!
🙏🙏🙏🙏🙏
उफ़.....???
या खुदा.....??
निशब्द.....??
कर दे न इनायत परवरदिगार......?

आओ! बढ़ाए न हाथ...
एक जिंदगी बचाने के लिए......!
एक परिवार को बिखरने से बचाने के लिए......!
एक "माँ" को उसके कलेजे के टुकड़ों से मिलाने के लिए.....!
🙏बढ़ाओ न हाथ...!!

🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
महत्वपूर्ण जानकारी-
👉🏽ओ.पी.भार्गव(पति)
मो.98277-33407
निवासी-पुरानी शिवपुरी
बैंक डिटेल-
भारतीय स्टेट बैंक
खाता न.-
33193022291(रानी भार्गव)
Ifsc-sbin0003215
✍✍✍👆🏽👆🏽✍✍✍✍✍✍✍✍✍
-नाचीज़-बृजेश तोमर-
Www.khabaraajkal. com
👉🏽9425488524,
9993016900
✍✍✍✍✍✍🙏🙏🙏🙏🙏✍✍✍
नोट-कलमकार "भार्गव परिवार" को बिखरने व् इन दो मासूमो की "माँ" को बचाने के लिए माँ वीणावादिनी द्वारा प्रदत्त शब्दो व् भावनाओ को आप सब तक प्रेषित कर एक जीवन बचाने के इस महान"यज्ञ" में यथासम्भव आहुति की प्रार्थना करता है।साथ ही इस पोस्ट को अधिक से अधिक शेयर करने,प्रकाशित-प्रसारित करने व् पीड़ित परिवार से मोबाईल पर बात कर मदद करने की भी अपील करता है। ईश्वर इस बहन को नया जीवन प्रदान करे और आप सब सहयोगकर्ताओ के रूप में प्रत्यक्ष अपने दर्शनों की अनुभूति दे....!ईश्वर, बहन को लंबी उम्र दे.....!! ख़ुदा ,खैर करे...!!!
(किडनी प्रत्यरोपन में अनुमानित व्यय तकरीबन 5 लाख, सिबिल अस्पताल अहमदाबाद में निरंतर उपचार जारी....)


पोस्ट दिनांक-27 अप्रेल 2017

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